कांटी (मुजफ्फरपुर जिला) विधानसभा सीट – चुनावी रणभूमि का विश्लेषण
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में मुजफ्फरपुर जिले की कांटी सीट एक बार फिर हॉट सीट बनने वाली है, जहाँ पिछले चुनावों में मुकाबला बेहद करीबी रहा है। इस बार मुख्य मुकाबला महागठबंधन (MGB) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के बीच केंद्रित है।
जीतने वाले उम्मीदवार का अनुमान: मोहम्मद इसराईल मंसूरी (राष्ट्रीय जनता दल – RJD / महागठबंधन)
वर्तमान विधायक और महागठबंधन के उम्मीदवार मोहम्मद इसराईल मंसूरी को अपनी सीट बचाने में सफल होने का मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
जीत के संभावित विश्लेषण (इसराईल मंसूरी के पक्ष में):
हारने वाले उम्मीदवार का अनुमान (मुख्य प्रतिद्वंद्वी): अजीत कुमार (जनता दल यूनाइटेड – JDU / NDA) या NDA समर्थित उम्मीदवार
मोहम्मद इसराईल मंसूरी के मुख्य प्रतिद्वंद्वी रहे पूर्व विधायक अजीत कुमार हैं, जो इस बार NDA के टिकट पर चुनाव लड़ सकते हैं (संभवतः JDU के टिकट पर, जैसा कि मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है)। अजीत कुमार इस सीट से तीन बार (फरवरी 2005, अक्टूबर 2005, 2010) विधायक रह चुके हैं।
हार के संभावित विश्लेषण (अजीत कुमार के विपक्ष में):
निष्कर्ष:
कांटी विधानसभा सीट का मुकाबला मौजूदा विधायक मोहम्मद इसराईल मंसूरी (RJD) और पूर्व विधायक अजीत कुमार (NDA) के बीच एक करीबी लड़ाई होने की संभावना है। मंसूरी को RJD के ठोस M-Y आधार और मौजूदा विकास कार्यों का लाभ मिलेगा। वहीं, अजीत कुमार का व्यक्तिगत जनाधार और NDA का संगठनात्मक बल उन्हें टक्कर में रखेगा। हालाँकि, पिछले चुनाव की जीत और मजबूत MGB वोट बैंक के कारण, मोहम्मद इसराईल मंसूरी को अपनी सीट बरकरार रखने की अधिक संभावना है।
अस्वीकरण: कृपया ध्यान दें कि यह विश्लेषण वर्तमान राजनीतिक माहौल, पिछले चुनावों के आंकड़ों और मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। चुनाव परिणाम कई कारकों पर निर्भर करते हैं और अंतिम परिणाम मतदान के दिन मतदाताओं के रुख पर निर्भर करेगा।
