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किशनगंज का महासंग्राम: कांग्रेस का गढ़ या AIMIM की सेंधमारी? कौन जीतेगा यह मुस्लिम बहुल सीट!

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में, सीमांचल की सबसे महत्वपूर्ण किशनगंज (Kishanganj) विधानसभा सीट पर कांटे की टक्कर देखने को मिलेगी। हालांकि, ऐतिहासिक आधार, वर्तमान विधायक का लाभ और मुस्लिम वोटों के अंतिम ध्रुवीकरण की संभावना को देखते हुए, महागठबंधन (कांग्रेस) के उम्मीदवार (वर्तमान विधायक इजहारूल हुसैन) की जीत की संभावना अधिक है, लेकिन जीत का अंतर बहुत कम रह सकता है।

यह सीट लगभग 68% मुस्लिम आबादी के कारण बेहद संवेदनशील है, और 2020 के परिणाम ने इसे त्रिकोणीय मुकाबला बना दिया था।


विजेता की संभावित जीत के पक्ष में विश्लेषण (महागठबंधन उम्मीदवार – इजहारूल हुसैन, INC)

किशनगंज सीट पर इजहारूल हुसैन (INC) की संभावित जीत के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:

1. पारंपरिक और ऐतिहासिक कांग्रेस का गढ़:

2. 2020 में AIMIM के वोट शेयर में गिरावट:


अन्य उम्मीदवारों की संभावित हार के प्रतिकूल तथ्य (NDA, AIMIM)

किशनगंज सीट पर अन्य उम्मीदवारों की जीत की राह में बाधा बनने वाले मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:

1. NDA (BJP) उम्मीदवार (संभावित स्वीटी सिंह/शाहनवाज हुसैन)

2. AIMIM उम्मीदवार (संभावित कमरुल होदा/अख्तरुल ईमान)


निष्कर्ष:

किशनगंज विधानसभा सीट पर 2025 का मुकाबला एक बार फिर कांग्रेस, BJP और AIMIM के बीच त्रिकोणीय रहेगा।

अतः, सभी कारकों को ध्यान में रखते हुए, कांग्रेस के इजहारूल हुसैन के बहुत कम अंतर से फिर से यह सीट जीतने की संभावना सबसे अधिक है।

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