Site icon winapoll.com

कुशेश्वर स्थान (सुरक्षित) का किला: क्या NDA का ‘हजारी’ परिवार फिर लहराएगा जीत का परचम?

कुशेश्वर स्थान (सुरक्षित) का किला: क्या NDA का ‘हजारी’ परिवार फिर लहराएगा जीत का परचम?

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में दरभंगा जिले की कुशेश्वर स्थान (अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित) सीट पर मुकाबला एक बार फिर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के पक्ष में रहने की प्रबल संभावना है। यह सीट स्वर्गीय शशि भूषण हजारी के परिवार की गढ़ बन चुकी है और 2021 के उपचुनाव में भी उनके बेटे अमन भूषण हजारी (JDU) ने इसे बरकरार रखा था।

संभावित विजेता: अमन भूषण हजारी (जनता दल यूनाइटेड – JDU) – NDA गठबंधन

पिछले चुनावों (2020 और 2021 उपचुनाव) के परिणामों और मजबूत राजनीतिक विश्लेषण के आधार पर, अमन भूषण हजारी (JDU) को यह सीट फिर से जीतने का मजबूत दावेदार माना जा रहा है।


अमन भूषण हजारी (JDU) की जीत के पक्ष में विस्तृत विश्लेषण और तथ्य:

  1. पारिवारिक विरासत और भावनात्मक जुड़ाव (Family Legacy & Sympathy Factor):
    • यह सीट लगातार तीन बार (2010 में BJP, 2015 और 2020 में JDU) उनके पिता शशि भूषण हजारी ने जीती थी। उनके असामयिक निधन के बाद हुए 2021 के उपचुनाव में अमन भूषण हजारी ने सहानुभूति लहर और पारिवारिक पकड़ के दम पर 12,698 वोटों से जीत हासिल की थी। यह मजबूत पारिवारिक प्रभाव 2025 में भी उनके पक्ष में काम करेगा।
  2. NDA की मजबूत स्थिति और कोर वोट बैंक:
    • यह सीट 2010 के परिसीमन के बाद से NDA (पहले BJP, फिर JDU) के पास रही है। JDU का कोर वोट बैंक – अति पिछड़ा वर्ग (EBC) और महिला मतदाता, इस सुरक्षित सीट पर निर्णायक भूमिका निभाता है।
    • 2024 के लोकसभा चुनाव में भी इस विधानसभा क्षेत्र में NDA को लगभग 41,506 वोटों की भारी बढ़त मिली थी। यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि वर्तमान में मतदाताओं का बड़ा हिस्सा NDA के साथ मजबूती से खड़ा है।
  3. विकास कार्य और युवा चेहरा:
    • कुशेश्वर स्थान एक बाढ़ प्रभावित दियारा क्षेत्र है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में सड़क निर्माण और पुल-पुलिया के जाल बिछाए जाने से क्षेत्र की तस्वीर बदली है। युवा विधायक अमन भूषण हजारी इन विकास कार्यों और अपने पिता की विरासत को भुनाने में सफल रहे हैं।

अन्य उम्मीदवारों की हार के प्रतिकूल तथ्य और आंकड़े:

महागठबंधन के लिए कुशेश्वर स्थान की राह बेहद कठिन है, खासकर कांग्रेस और RJD के पास।

  1. महागठबंधन में आंतरिक खींचतान और वोट विभाजन:
    • 2020 में: कांग्रेस उम्मीदवार अशोक कुमार (46,758 वोट) को JDU के शशि भूषण हजारी (53,980 वोट) से 7,222 वोटों से हार मिली थी, जबकि LJP की पूनम कुमारी ने 13,362 वोट काटकर मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया था।
    • 2021 उपचुनाव में: RJD के उम्मीदवार गणेश भारती ने करीबी मुकाबला किया था, लेकिन अंततः उन्हें हार मिली। इस बार RJD के साथ VIP (मुकेश सहनी की पार्टी) है या नहीं, यह तय नहीं है। VIP के नेता गणेश भारती ने तो 2025 चुनाव में निर्दलीय लड़ने की भी घोषणा की है, जिससे महागठबंधन का वोट बँटेगा।
  2. कांग्रेस और RJD के पारंपरिक वोट बैंक का कमजोर होना:
    • इस सीट पर मुस्लिम, यादव और ब्राह्मण मतदाताओं की संख्या महत्वपूर्ण है, जो पारंपरिक रूप से महागठबंधन (RJD+कांग्रेस) का आधार हैं।
    • 2021 उपचुनाव में RJD के उम्मीदवार (गणेश भारती) को हार मिली, जबकि RJD सुप्रीमो तेजस्वी यादव ने पूरी ताकत झोंक दी थी। यह संकेत देता है कि RJD का MY समीकरण इस सुरक्षित सीट पर NDA के EBC और सवर्ण वोटों के सामने कमजोर पड़ रहा है।
    • परिवार बनाम परिवार की राजनीति: पिछले पाँच दशकों से इस सीट की राजनीति दो प्रमुख दलित परिवारों (बालेश्वर राम और रामजतन पासवान) के बीच घूम रही है। अब दोनों परिवार एक ही दल (JDU) में शामिल हो चुके हैं, जिससे महागठबंधन के लिए मजबूत और एकजुट दावेदार खड़ा करना मुश्किल हो गया है।
  3. लोकसभा चुनाव 2024 में भारी अंतर:
    • 2024 के लोकसभा चुनाव में इस क्षेत्र में NDA को 41,506 वोटों की भारी बढ़त मिली है। इतने बड़े अंतर को विधानसभा चुनाव में पलटना महागठबंधन के लिए एक बड़ी चुनौती है, जिसके लिए एक मजबूत लहर की आवश्यकता होगी।

निष्कर्ष और पूर्वानुमान:

कुशेश्वर स्थान सीट पर NDA गठबंधन की जीत की संभावना अधिक है, क्योंकि यह सीट लगातार उनके पक्ष में रही है और 2021 के उपचुनाव तथा 2024 के लोकसभा चुनाव में भी उन्होंने स्पष्ट बढ़त बनाई है।

  • NDA की ताकत: मजबूत पारिवारिक विरासत, JDU का कोर वोट बैंक (EBC और महिलाएँ), और 2024 लोकसभा में 41,000+ वोटों की बढ़त।
  • महागठबंधन की चुनौती: संभावित वोट विभाजन, RJD और कांग्रेस के बीच तालमेल की कमी, और इस सुरक्षित सीट पर NDA के गढ़ को तोड़ने में लगातार विफलता।

पूर्वानुमान: अमन भूषण हजारी (JDU-NDA) एक बार फिर से कुशेश्वर स्थान विधानसभा सीट पर विजय प्राप्त कर सकते हैं।

Exit mobile version