बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में, किशनगंज जिले की कोचाधामन (Kochadhaman) सीट एक हाई-वोल्टेज मुकाबला बनने जा रही है, क्योंकि यह सीट सीमांचल में AIMIM की सबसे बड़ी जीत (2020 में 36,143 वोटों से) की गवाह रही है, और अब इसका विजयी उम्मीदवार आरजेडी में शामिल हो चुका है।
ऐतिहासिक अस्थिरता, अत्यंत उच्च मुस्लिम आबादी (लगभग 72%), और वर्तमान विधायक के दलबदल को देखते हुए, इस सीट पर महागठबंधन (राष्ट्रीय जनता दल – RJD) के उम्मीदवार (वर्तमान विधायक मुहम्मद इज़हार आसफ़ी या पूर्व विधायक मुजाहिद आलम) की जीत की संभावना अधिक है।
विजेता की संभावित जीत के पक्ष में विश्लेषण (महागठबंधन उम्मीदवार – RJD)
कोचाधामन सीट पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के उम्मीदवार की संभावित जीत के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
1. दलबदल के बावजूद वर्तमान विधायक का लाभ (इज़हार आसफ़ी):
- व्यक्तिगत जनाधार: मुहम्मद इज़हार आसफ़ी ने 2020 में AIMIM के टिकट पर 79,893 वोट हासिल करके शानदार जीत दर्ज की थी। यह जीत उनके व्यक्तिगत प्रभाव को दर्शाती है।
- संगठन का हस्तांतरण: 2022 में, आसफ़ी AIMIM के तीन अन्य विधायकों के साथ RJD में शामिल हो गए। इससे RJD को न केवल विधायक मिला, बल्कि उनके साथ आया बड़ा वोट बैंक (AIMIM के कोर मुस्लिम वोट) भी RJD के पाले में जुड़ गया है।
- RJD का मजबूत MY समीकरण: कोचाधामन जिले में सर्वाधिक मुस्लिम मतदाता वाला क्षेत्र है। RJD का पारंपरिक मुस्लिम-यादव (MY) समीकरण यहां बहुत प्रभावी हो जाता है, खासकर जब वर्तमान विधायक (मुस्लिम) भी पार्टी में हो।
2. मुस्लिम वोटों का ध्रुवीकरण (Anti-NDA फैक्टर):
- वोट-कटवा से छुटकारा: 2020 में, AIMIM की जीत का कारण RJD और JDU (जो उस समय NDA में थे) के बीच मुस्लिम वोटों का अत्यधिक बिखराव था। इस बार, विधायक के RJD में आने से, “गैर-NDA” मुस्लिम वोटों के एक बड़े हिस्से का RJD के पक्ष में एकजुट होने की संभावना है।
- AIMIM की विश्वसनीयता पर सवाल: चार विधायकों के RJD में चले जाने से AIMIM की संगठनात्मक विश्वसनीयता को गहरा झटका लगा है। मतदाता AIMIM को फिर से वोट देने से पहले “वोट बर्बाद न हो जाए” या “विधायक फिर से न भाग जाए” जैसे सवाल पर विचार कर सकते हैं।
3. ऐतिहासिक अस्थिरता का अंत:
- कोचाधामन सीट पर 2010 में RJD, 2014 उपचुनाव में JDU, 2015 में JDU (महागठबंधन में) और 2020 में AIMIM जीती थी। यह लगातार बदलते चेहरे दिखाती है कि मतदाता उम्मीदवार की विश्वसनीयता और प्रभावी गठबंधन को महत्व देते हैं। RJD का उम्मीदवार (चाहे आसफ़ी हों या मुजाहिद आलम) इस बार सबसे मजबूत गठबंधन के बैनर तले होगा।
अन्य उम्मीदवारों की संभावित हार के प्रतिकूल तथ्य (AIMIM और NDA)
कोचाधामन सीट पर अन्य प्रमुख उम्मीदवारों की जीत की राह में बाधा बनने वाले मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
1. AIMIM उम्मीदवार (संभावित अख्तरुल ईमान/अन्य)
- सबसे बड़ी चुनौती ‘दल-बदल’: 2020 में जीती हुई सीट के विधायक का पार्टी छोड़कर जाना AIMIM के लिए सबसे बड़ा नकारात्मक तथ्य है। यह उनके स्थानीय नेतृत्व की कमजोरी को उजागर करता है।
- वोट शेयर का विभाजन: AIMIM के पास अभी भी सीमांचल में एक समर्पित कोर वोट बैंक है, खासकर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान के प्रभाव के कारण। लेकिन उनका मुकाबला अब वर्तमान विधायक (जो पहले AIMIM के थे) और RJD के शक्तिशाली MY समीकरण से होगा, जिससे उनके 2020 के प्रदर्शन को दोहराना असंभव होगा।
- कोर मुद्दे से भटकाव: पार्टी अब न्याय और विकास के बजाय “दलबदल” के मुद्दे पर अधिक घिरी रहेगी, जिससे मतदाताओं के मन में संदेह पैदा होगा।
2. NDA (JDU) उम्मीदवार (संभावित मुजाहिद आलम/अन्य)
- मुस्लिम बहुल सीट पर JDU की कमजोरी: कोचाधामन 70% से अधिक मुस्लिम आबादी वाली सीट है। JDU या NDA उम्मीदवार (भले ही मुस्लिम हो) को गैर-मुस्लिम वोटों पर पूरी तरह से निर्भर रहना होगा।
- 2020 की हार का बड़ा अंतर: 2020 में JDU के मुजाहिद आलम 36,143 वोटों के विशाल अंतर से हारे थे। यह अंतर NDA गठबंधन की कमजोरी को दर्शाता है, जिसे 2025 में भरना बेहद मुश्किल होगा, खासकर जब RJD ने AIMIM के वोट बैंक में सेंध लगा दी है।
- मुजाहिद आलम का RJD में शामिल होना: पूर्व विधायक मुजाहिद आलम भी अब RJD में शामिल हो चुके हैं (हालांकि RJD का टिकट किसे मिलता है, यह देखना होगा)। यदि JDU किसी अन्य उम्मीदवार को उतारती है, तो उसके पास कोई मजबूत स्थानीय चेहरा नहीं बचेगा जो RJD के संयुक्त मुस्लिम वोट बैंक को चुनौती दे सके।
निष्कर्ष:
कोचाधामन विधानसभा सीट पर मुकाबला मुख्यतः महागठबंधन (RJD) और AIMIM के बीच होगा, जबकि NDA तीसरे स्थान पर रह सकता है।
- RJD को वर्तमान विधायक के व्यक्तिगत जनाधार, AIMIM के वोट बैंक के हस्तांतरण, और MY समीकरण का तिहरा लाभ मिलेगा।
- AIMIM 2020 के प्रदर्शन को दोहराने में सक्षम नहीं होगी, लेकिन वह RJD के लिए जीत का अंतर कम कर सकती है।
सभी राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए, महागठबंधन (RJD) का उम्मीदवार ही कोचाधामन सीट से सबसे मजबूत दावेदार है।