Site icon winapoll.com

कोढ़ा (सु.) विधानसभा: ‘कमल’ का तिलिस्म कायम रहेगा या ‘हाथ’ की वापसी? 2025 का SC-जातीय समीकरण!

कटिहार जिले की कोढ़ा (सुरक्षित) विधानसभा सीट पारंपरिक रूप से कांग्रेस और भाजपा के बीच एक कांटे की लड़ाई का मैदान रही है। यह सीट अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित है। 2020 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने एकतरफा जीत हासिल की थी, लेकिन 2025 में मुकाबला फिर से रोमांचक होने की उम्मीद है।

गहन विश्लेषण के आधार पर, एनडीए (भाजपा) उम्मीदवार के फिर से यह सीट जीतने की संभावना अधिक है, हालांकि महागठबंधन (कांग्रेस) कड़ी टक्कर देगी।


विजेता की संभावित जीत के पक्ष में विश्लेषण (NDA – कविता देवी, भाजपा)

संभावित विजेता: कविता देवी (भाजपा)

1. 2020 की निर्णायक जीत और मजबूत जनादेश:

2. प्रधानमंत्री मोदी और केंद्र सरकार की योजनाओं का प्रभाव:

3. SC वोट बैंक में सेंधमारी:


अन्य उम्मीदवार की संभावित हार के प्रतिकूल तथ्य (महागठबंधन – पूनम पासवान, कांग्रेस)

मुख्य चुनौती/संभावित उपविजेता: पूनम पासवान (कांग्रेस)

1. 2020 की हार का बड़ा अंतर:

2. पूर्णिया लोकसभा चुनाव का पेच:

3. जातीय समीकरण की जटिलता (कांग्रेस का पारंपरिक वर्चस्व):


निष्कर्ष

कोढ़ा (सु.) सीट पर भाजपा की कविता देवी को बढ़त हासिल है क्योंकि 2020 में उनकी जीत का अंतर बहुत बड़ा था। NDA की संगठनात्मक ताकत और केंद्र की योजनाओं का लाभ उन्हें दोबारा जीत दिला सकता है। कांग्रेस की पूनम पासवान को जीतने के लिए 2020 की तुलना में लगभग 30,000 अतिरिक्त वोट जुटाने होंगे, जो तभी संभव है जब सत्ता विरोधी लहर मजबूत हो और महागठबंधन के सभी घटक दल (RJD, INC) अपने पारंपरिक वोट बैंक (MY और SC का एक हिस्सा) को पूरी तरह एकजुट कर पाएं।

यदि पूनम पासवान 2015 के अपने प्रदर्शन को दोहरा पाती हैं, तो मुकाबला करीबी होगा, लेकिन वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में कविता देवी (BJP) के अपनी सीट बरकरार रखने की संभावना अधिक है।

Exit mobile version