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चुनाव के रणभूमि में निष्पक्षता की पुकार: पुलिस और प्रशासन पर कड़ी निगरानी, आयोग की सख्त चेतावनी

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की बहुआयामी तैयारी के बीच पुलिस और प्रशासन की निष्पक्षता और चुनावी शांति बनाए रखना सर्वोपरि हो गया है। चुनाव आयोग ने साफ शब्दों में कहा है कि चुनावी हिंसा और दबाव को बिलकुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया गया है।

चुनाव आयोग की कड़ी चेतावनी

बिहार चुनाव 2025 के दौरान स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग ने कई कड़े निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने चुनावी आचार संहिता का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के साथ-साथ राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और समर्थकों को भी हिंसा या किसी भी प्रकार के दबाव से दूर रहने की हिदायत दी है। आयोग ने स्पष्ट रूप से कहा है कि चुनाव दौरान किसी भी हिंसक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इसके साथ ही आयोग ने पूरे बिहार में उड़न दस्तों की तैनाती भी की है, जो चुनावी माहौल की निगरानी और शिकायतों के समाधान में 100 मिनट के भीतर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। इसके लिए एक कॉल सेंटर और ऐप (C-Vigil) प्रणाली भी चालू की गई है, जिससे उत्सुक या चिंतित मतदाता पालन-पोषण का उल्लंघन आसानी से रिपोर्ट कर सकते हैं।

पुलिस और प्रशासन की तैयारियां

चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बिहार पुलिस ने पहले से ही व्यापक इंतजाम किए हैं। कई इलाकों में पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है, जबकि संवेदनशील और अतिसंवेदनशील बूथ क्षेत्रों में सतत गश्त की जा रही है। बिहार पुलिस महानिदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी लगातार शांति बनाए रखने की अपील करते रहे हैं और कहा है कि मतदाता निडर होकर मतदान केंद्र पहुंचें।

प्रत्येक जिले के पुलिस कप्तान, एसपी और जीआरपी सहित रेलवे पुलिस को चुनाव में भूमिका निभाने के लिए सक्रिय किया गया है। निलंबित पुलिसकर्मियों को राहत देते हुए उनकी सेवाएं चुनावी ड्यूटी के लिए उपलब्ध कराई गई हैं ताकि पर्याप्त बल मौजूद रहे।

प्रशासनिक आदेश और अभियानों की शुरुआत

कुछ जिलों ने सभी लाइसेंसी बंदूक धारकों से अपने हथियार जमा कराने का आदेश दिया है ताकि चुनाव के दौरान हिंसा की आशंका को कम किया जा सके। वैशाली जिले में इस आदेश का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है। पुलिस लगातार संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही है और गांव-गांव जाकर मतदाताओं को शांति बनाए रखने के लिए जागरूक कर रही है।

साथ ही, रैपिड रिस्पॉन्स टीम गठित की गई है, जो संवेदनशील इलाकों में तत्काल हस्तक्षेप करेगी। पुलिस ने मतदाताओं को भरोसा दिलाया है कि मतदान प्रक्रिया पूरी सुरक्षा और निष्पक्षता के साथ होगी।

समाज और राजनीति में चुनावी निष्पक्षता की अहमियत

चुनाव में निष्पक्षता बनाए रखना लोकतंत्र की मजबूती के लिए सबसे जरूरी है। बिहार जैसे बहुजातीय, बहुसांस्कृतिक राज्य में जहां जाति, क्षेत्रीय और राजनीतिक ताकतें चुनाव परिणामों को प्रभावित करती हैं, वहां कानून का राज सर्वोपरि रहता है। प्रशासन और पुलिस की निष्पक्षता सुनिश्चित करना चुनाव आयोग की प्राथमिकता है ताकि राजनीतिक दलों और मतदाताओं में विश्वास बना रहे।

राजनीतिक दलों को भी चुनाव आयोग ने सतर्क रहने और अपनी पार्टी कार्यकर्ताओं को शांति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। किसी भी गैरकानूनी कार्यवाही, धमकियों और हिंसक गतिविधियों पर कड़ा प्रतिबंध लगाया गया है।

मतदाताओं के लिए संदेश

पुलिस और प्रशासन की ओर से मतदाताओं से अपील है कि वे निर्भय होकर मतदान करें और किसी भी तरह के दबाव या धमकी की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें। प्रशासन ने वादा किया है कि ऐसी किसी भी सूचना पर तत्वरूप कार्रवाई होगी और चुनाव के महापर्व को सफल एवं शांतिपूर्ण बनाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।

निष्कर्ष

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में पुलिस और प्रशासन ने निष्पक्षता और शांति बनाए रखने को लेकर स्पष्ट और दृढ़ रुख अपनाया है। चुनाव आयोग के सख्त निर्देश, पुलिस की व्यापक तैनाती, और नागरिकों के सहयोग से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि चुनाव भयमुक्त, निष्पक्ष और लोकतांत्रिक तरीके से संपन्न हो। हिंसा के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता को बनाए रखने में मददगार साबित होगी।

इस चुनाव में पुलिस और प्रशासन की निष्पक्षता ही बिहार की लोकतांत्रिक अस्मिता और चुनाव परिणामों की स्वीकार्यता की गारंटी होगी, जो लोकतंत्र का मूल आधार है।

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