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तेजस्वी यादव का भरोसा: 18 नवंबर को बनेगी महागठबंधन सरकार, बिहार में बदलाव की नई सुबह

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बाद राजनीतिक परिदृश्य में एक नए अध्याय की शुरुआत होने जा रही है। विपक्ष के प्रमुख नेता और महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने घोषणा की है कि महागठबंधन की सरकार बनना तय है और शपथ ग्रहण समारोह 18 नवंबर को आयोजित किया जाएगा। तेजस्वी यादव के इस दावे ने राजनीतिक हलकों में भूचाल ला दिया है और महागठबंधन समर्थकों में जोश भर दिया है।

महागठबंधन की जीत का दावा

तेजस्वी यादव ने बिहार के विभिन्न हिस्सों में चुनावी सभाओं में यह स्पष्ट किया कि जिलेवार और विधानसभा स्तर की उनके गठबंधन की पकड़ मजबूत है। उन्होंने दावा किया कि चुनाव के नतीजे 14 नवंबर को आएंगे और महागठबंधन 18 नवंबर को राज्य की सत्ता संभालेगा। उनकी यह योजना चुनाव प्रचार के दौरान लोगों के बीच उम्मीद और विश्वास का संचार कर रही है।

तेजस्वी ने कहा कि महागठबंधन की सरकार बनने के बाद अपराध पर सख्त कार्रवाई होगी। यह सरकार जाति, धर्म या किसी अन्य आधार पर अपराध करने वालों को नहीं बख्शेगी, जिससे बिहार में कानून व्यवस्था मजबूत होगी। अपराधियों के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति लागू की जाएगी।

महागठबंधन के घोषणापत्र का महत्व

महागठबंधन ने चुनाव के पहले अपना घोषणापत्र “तेजस्वी प्रण” जारी किया था, जिसमें रोजगार, सामाजिक न्याय, महिला सशक्तिकरण, किसान हित, स्वास्थ्य सेवा और बेरोजगारी को प्राथमिकता दी गई है। इस घोषणा में हर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देना, किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी, स्वास्थ्य बीमा की सुविधा और मनरेगा मजदूरी बढ़ाने जैसे बड़े वादे शामिल हैं।

यह घोषणापत्र बिहार की जनता के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है और तेजस्वी यादव ने इसे बिहार के विकास और परिवर्तन के लिए ऐतिहासिक संकल्प बताया।

एनडीए पर कड़े आरोप

तेजस्वी यादव ने मौजूदा एनडीए सरकार, विशेषकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों में बिहार ने सुशासन के नाम पर केवल अन्याय, बेरोजगारी, पलायन और भ्रष्टाचार देखा है। उन्होंने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि आम जनता के हितों की अनदेखी की गई है और बिहार की नौकरी-रोज़गार की स्थिति खराब हुई है।

तेजस्वी ने यह भी कहा कि नीतीश कुमार का यह आखिरी चुनाव हो सकता है और कुछ जदयू नेता चुनाव के बाद भाजपा या राजद में शामिल हो सकते हैं, जिससे जदयू का अस्तित्व खतरे में है।

जनता का उत्साह और समर्थन

तेजस्वी यादव की चुनावी रैलियों में भारी भीड़ जुट रही है, जिससे उनके और महागठबंधन के प्रति जनता की उम्मीदें बढ़ रही हैं। युवाओं, किसानों, मजदूरों और महिलाओं में उनकी लोकप्रियता खास तौर पर देखने को मिल रही है। उनकी प्रतिज्ञाएं और जनहितैषी कार्यक्रम जनता के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं।

भाजपा और महागठबंधन का कड़ा मुकाबला

ऐसे समय में जब भाजपा ने भी कई बड़ी संख्या में उम्मीदवार उतारे हैं, तेजस्वी यादव और महागठबंधन की योजना बिहार में सत्ता पर कब्जा करने की है। दोनों गठबंधनों के बीच यह चुनाव बिहार की राजनीति में जातीय समीकरण, विकास मुद्दों और रोजगार को लेकर निर्णायक मोड़ साबित होगा।

निष्कर्ष

तेजस्वी यादव ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महागठबंधन की सरकार बनने की स्पष्ट भविष्यवाणी की है और शपथ ग्रहण की तारीख 18 नवंबर बताई है। उनका यह आत्मविश्वास महागठबंधन के राजनीतिक परिदृश्य में बढ़ती ताकत को दर्शाता है।

बिहार के मतदाता अब इस चुनाव को न केवल राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के रूप में देख रहे हैं, बल्कि इसे एक सामाजिक और आर्थिक बदलाव के अवसर के रूप में भी मान रहे हैं। ऐसे में 2025 की बिहार विधानसभा चुनाव की गूंज आने वाले दिनों में और तेज़ हो सकती है, जहां तेजस्वी यादव की अगुवाई में महागठबंधन और एनडीए के बीच सत्ता की कड़ी जंग होगी।

फिलहाल, बिहार की जनता की निगाहें चुनाव परिणामों और 18 नवंबर के शपथ ग्रहण समारोह पर टिकी हैं, जो 2025 के बिहार के राजनीतिक स्थर को नया आकार देंगे।

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