परसा विधानसभा सीट (संख्या 121) बिहार के सारण जिले में स्थित है और यह सीट लंबे समय से ‘यादव बनाम यादव’ की राजनीति का केंद्र रही है, जिस पर पूर्व मुख्यमंत्री दारोगा प्रसाद राय के परिवार का दबदबा रहा है। हालांकि, 2020 के चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के छोटे लाल राय ने इस विरासत को तोड़ते हुए एक बड़ी जीत दर्ज की थी। 2025 का चुनाव भी इसी ध्रुवीकरण और जातीय समीकरण पर केंद्रित रहेगा।
यहां 2025 के चुनाव परिणाम का विश्लेषण, प्रमुख उम्मीदवार (संभावित) और जीतने के कारणों का विस्तृत विवरण दिया गया है।
संभावित विजेता: छोटे लाल राय (जनता दल यूनाइटेड – JDU) / NDA
(यह भविष्यवाणी छोटे लाल राय के दलबदल, दारोगा राय परिवार की नई पीढ़ी के उम्मीदवार, और RJD के वोट विभाजन के ऐतिहासिक पैटर्न पर आधारित है।)
जीत के मुख्य कारण और विश्लेषण (फेवर में जाने वाले तथ्य)
अन्य उम्मीदवार (करिश्मा राय/RJD/महागठबंधन) के न जीतने के प्रतिकूल तथ्य
निष्कर्ष:
परसा विधानसभा सीट पर मुकाबला बहुत कड़ा है और यह सीट पूरी तरह से यादव वोटों के विभाजन के समीकरण पर टिकी है।
- छोटे लाल राय (NDA) की जीत की संभावना अधिक है, क्योंकि उनका दलबदल RJD के कोर यादव वोट को विभाजित करेगा, जबकि NDA का गैर-यादव गठबंधन मजबूत है।
- करिश्मा राय (RJD) के लिए चुनौती यह होगी कि वह लालू यादव परिवार की बहू होने के भावनात्मक जुड़ाव को छोटे लाल राय की ज़मीनी पकड़ पर भारी कैसे पड़ेंगी।
अगर RJD अपना पारंपरिक मुस्लिम-यादव (M-Y) समीकरण पूरी तरह से एकजुट रखने और कुछ गैर-यादव OBC/EBC वोट जोड़ने में सफल होता है, तभी वह इस सीट को NDA से छीन सकती है। अन्यथा, यह सीट NDA (JDU) के पाले में जाने की संभावना है।
