प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के प्रचार के दौरान पटना में एक भव्य रोड शो किया, जिसने पूरे शहर का माहौल चुनावी जोश से भर दिया। लगभग 40 मिनट तक चले इस रोड शो ने न केवल पीएम मोदी के समर्थकों में उत्साह बढ़ाया बल्कि यह बिहार में आगामी चुनाव के लिए एनडीए गठबंधन की रणनीति को भी मजबूती प्रदान करता है।
रोड शो का प्रारंभ और मार्ग
पीएम मोदी का रोड शो पटना के प्रसिद्ध दिनकर गोलंबर से शुरू हुआ। यहाँ उन्होंने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी, जो बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाता है। इसके बाद वे भाजपा के प्रचार रथ पर सवार होकर नाला रोड, बारी पथ, ठाकुरबाड़ी रोड, बाकरगंज होते हुए गांधी मैदान के पास उद्योग भवन तक पहुँचे। यह लगभग 2.8 किलोमीटर लंबा मार्ग था। यह तय किया गया था कि रोड शो शाम 5:45 बजे शुरू हो और करीब 6:25 बजे समाप्त हो, जो लगभग 40 मिनट का था।
जनता का उमड़ता जनसैलाब
रोड शो के दौरान पटना की सड़कें समर्थकों से भरी थीं। दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग खड़े थे, जो प्रधानमंत्री की झलक पाने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। खासतौर पर बड़ी संख्या में महिलाएं सड़क किनारे और अपने घरों की बालकनी में खड़ी थीं। इन महिलाओं ने अपनी श्रद्धा और समर्थन प्रकट करते हुए पीएम मोदी की आरती उतारी, जो सोशल और सांस्कृतिक प्रथाओं के अनुसार बहुत बड़ा राजनीतिक संदेश था। पीएम मोदी ने भी पूरे रोड शो में लोगों को हाथ हिलाकर अभिवादन किया और उनका उत्साहवर्धन किया।
समारोह की सजावट, सुरक्षा और सांस्कृतिक स्वर
रोड शो के मार्ग के दोनों ओर बैरिकेडिंग की गई थी और सड़क पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई थी ताकि सुरक्षा में कोई चूक न हो। लगभग 5000 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया था, जिसमें आईटीबीपी, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां शामिल थीं। घरों की छतों पर सुरक्षा जवान तैनात थे और आपात स्थिति के लिए एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की टीम भी मौजूद थी।
सड़क के किनारे झांकियां लगी थीं और छठ पूजा से जुड़े छठी गीतों के लिए मंच स्थापित किए गए थे। इमारतों को रोशनी से जगमग किया गया था, जिससे पूरे शहर का माहौल उत्सवमय हो गया। रोड शो के रास्ते में अलग-अलग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, जिनसे जनता को ना केवल राजनीतिक बल्कि सांस्कृतिक अनुभव भी मिला।
नेताओं की मौजूदगी और पार्टी कार्यकर्ता
पीएम मोदी के साथ बिहार भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल, केंद्रीय मंत्री एवं जेडीयू के नेता ललन सिंह, सांसद रविशंकर प्रसाद और पटना शहर के एनडीए प्रत्याशी भी रोड शो में मौजूद थे। प्रधानमंत्री ने अपने हाथ में भाजपा का चुनाव चिह्न “कमल” थामा हुआ था, जिसे वे बार-बार हिलाकर लोगों का अभिवादन स्वीकार कर रहे थे। यह चुनाव चिन्ह पार्टी की भूमिका और चुनाव में एकजुटता का प्रतीक था।
चुनावी रणनीति और राजनीतिक संदेश
इस रोड शो का प्रमुख उद्देश्य पटना के आसपास की छह विधानसभा सीटों पर एनडीए प्रत्याशियों का प्रचार करना और मतदाताओं में चुनावी माहौल बनाना था। सड़क के किनारे खड़े लोग मोदी जिंदाबाद, जय श्रीराम आदि नारों से प्रधानमंत्री मोदी का जोरदार स्वागत कर रहे थे। यह रोड शो यह संदेश दे रहा था कि एनडीए गठबंधन बिहार के आगामी चुनावों में मजबूत पकड़ बनाकर वापसी करने की कोशिश कर रहा है।
महिलाओं का समर्थन और प्रभाव
सबसे खास बात यह थी कि रोड शो के दौरान महिलाओं का समर्थन बहुत प्रभावशाली रूप से देखा गया। घरों की छतों और बालकनियों से महिलाओं ने आरती उतारकर पीएम मोदी का उत्साहवर्धन किया। यह बिहार की सामाजिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि में महिलाओं की बढ़ती राजनीतिक सक्रियता को दर्शाता है। महिलाओं द्वारा की गई यह आरती उनके पार्टी के प्रति गहरे विश्वास और समर्थन का प्रतीक थी।
रोड शो का समापन
रोड शो के बाद, पीएम मोदी पटना साहिब गुरुद्वारा पहुंचे और वहां मत्था टेककर शीश नवाया। यह धार्मिक अनुष्ठान उनकी लोक भावना और सांस्कृतिक जुड़ाव को उजागर करता है। इससे पहले ही उन्होंने आरा और नवादा में जनसभाएं की थीं, जिनमें भी भारी जनता ने भाग लिया था।
समग्र प्रभाव
पटना में पीएम मोदी का यह रोड शो न केवल चुनाव प्रचार का माध्यम था, बल्कि बिहार के सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य में भाजपा और उसके गठबंधन की पकड़ मजबूत करने की एक रणनीतिक पहल भी थी। भारी सुरक्षा प्रबंध, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, और जनता की असाधारण भागीदारी इस रोड शो को चुनावों के हिसाब से ऐतिहासिक बना देती है।
यह रोड शो बिहार चुनाव 2025 में पीएम मोदी और एनडीए के लिए एक बड़ा राजनीतिक संदेश लेकर आया कि वे प्रदेश में बहुमत की सरकार बनाने के लिए पूरी ताकत के साथ जुटे हैं। इसके साथ ही महिलाओं का इस रोड शो में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना बताता है कि चुनावी लड़ाई सामाजिक परिवर्तन और राजनीतिक जागरूकता को भी संबोधित कर रही है।
इस पूरी प्रक्रिया ने यह भी दिखाया कि बिहार की राजनीति में सांस्कृतिक और धार्मिक संस्कारों का भी कितना महत्व है, और कैसे वे चुनाव प्रचार में एक सशक्त उपकरण बनते जा रहे हैं।
इसलिए, पीएम मोदी का पटना रोड शो बड़े पैमाने पर सफल रहा, जिसने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के प्रचार को एक निर्णायक गति दी है। जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच उत्साह और जोश का यह संयोग एनडीए के लिए जीत का संकेत माना जा रहा है।
