महुआ विधानसभा सीट (संख्या 129) बिहार की सबसे हॉट सीटों में से एक बन गई है। यह सीट न केवल राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का गढ़ रही है, बल्कि इस बार लालू प्रसाद यादव के दोनों बेटों की राजनीतिक विरासत की लड़ाई का केंद्र भी है। 2020 में RJD के मुकेश कुमार रौशन ने 13,687 वोटों (8.00% अंतर) से जीत हासिल की थी।
2025 में, मुकाबला त्रिकोणीय है:
- मुकेश कुमार रौशन (RJD/महागठबंधन उम्मीदवार – वर्तमान विधायक)
- तेज प्रताप यादव (जनशक्ति जनता दल (JJD) – लालू के बड़े बेटे, बागी उम्मीदवार)
- संजय कुमार सिंह (लोजपा (रामविलास)/NDA उम्मीदवार)
यहां 2025 के संभावित विजेता और उसका विस्तृत विश्लेषण हिंदी में प्रस्तुत है:
संभावित विजेता: मुकेश कुमार रौशन (RJD/महागठबंधन उम्मीदवार)
(यह भविष्यवाणी RJD के मजबूत M-Y (मुस्लिम-यादव) बेस और तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाले मुख्य दल के पक्ष में भावनात्मक लामबंदी को देखते हुए की गई है।)
जीत के मुख्य कारण और विश्लेषण (फेवर में जाने वाले तथ्य)
अन्य उम्मीदवारों के न जीतने के प्रतिकूल तथ्य
1. तेज प्रताप यादव (JJD – बागी उम्मीदवार) के लिए प्रतिकूल तथ्य
निष्कर्ष:
महुआ सीट पर मुकाबला बेहद जटिल है, लेकिन चुनावी गणित RJD के मुकेश कुमार रौशन के पक्ष में थोड़ा झुका हुआ है।
- RJD की जीत की कुंजी: RJD के लिए यह सीट लालू की विरासत की अस्मिता का सवाल है। मुकेश रौशन की जीत सुनिश्चित करने के लिए RJD को अपने M-Y कोर वोटर को यह समझाने में सफल होना होगा कि तेज प्रताप यादव का चुनाव लड़ना केवल वोट काटने की राजनीति है।
- तेज प्रताप का प्रभाव: तेज प्रताप यादव चुनाव भले ही न जीतें, लेकिन वह RJD की जीत के अंतर को कम करने या NDA की अप्रत्याशित जीत का कारण बनने की क्षमता रखते हैं।
- NDA की संभावना: NDA की जीत केवल तब संभव है जब तेज प्रताप यादव RJD के 20,000 से अधिक वोट काटें और NDA पासवान, रविदास और अन्य OBC वोटों को पूरी तरह से एकजुट करने में सफल हो।
वर्तमान राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए, मुकेश कुमार रौशन (RJD) महुआ सीट पर अपनी बढ़त बनाए रखने की प्रबल संभावना रखते हैं।
