1️⃣ प्रमुख उम्मीदवार और मुकाबला

गठबंधन/पार्टी संभावित उम्मीदवार (घोषित/चर्चित) स्थिति और पृष्ठभूमि
NDA (JD(U)) अनंत सिंह लगातार 5 बार विधायक। मोकामा में व्यक्तिगत दबदबा और भूमिहार वोटों पर मजबूत पकड़। 2025 में NDA (JD(U)) के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं।
महागठबंधन (RJD) वीणा देवी (बाहुबली सूरजभान सिंह की पत्नी) मुंगेर की पूर्व सांसद। RJD ने बाहुबली सूरजभान सिंह के परिवार पर दांव लगाया है, जिनका इस क्षेत्र में मजबूत प्रभाव रहा है। यह मुकाबला 25 साल बाद दोनों परिवारों के बीच सीधी टक्कर है।

 

2️⃣ 👑 अनंत सिंह (NDA/JD(U)) की जीत के कारण (अनुकूल तथ्य)

अनंत सिंह और NDA के पक्ष में उनकी संभावित जीत के निम्नलिखित निर्णायक कारक हैं:

  • ‘छोटे सरकार’ का व्यक्तिगत दबदबा: मोकामा में लोग पार्टी या गठबंधन से पहले अनंत सिंह के नाम पर वोट देते हैं। उन्हें क्षेत्र में ‘छोटे सरकार’ के रूप में जाना जाता है और उनका जाति से ऊपर उठकर जनता से एक मजबूत व्यक्तिगत जुड़ाव है। लोगों का एक बड़ा वर्ग उन्हें ‘गरीबों का मसीहा’ मानता है और उनकी दबंग छवि के बावजूद उनका समर्थन करता है।
  • भूमिहार वोटों पर एकाधिकार: मोकामा एक भूमिहार बहुल सीट है और अनंत सिंह इस समुदाय का अविवादित चेहरा हैं। उनके मैदान में होने से अधिकांश भूमिहार वोट एकतरफा उनके पक्ष में जाते हैं, जिससे उन्हें एक बड़ी शुरुआती बढ़त मिल जाती है।
  • NDA गठबंधन का साथ: 2025 में अनंत सिंह JD(U) के टिकट पर लड़ रहे हैं। NDA गठबंधन में अब भाजपा, JDU और LJP (रामविलास) शामिल हैं। उन्हें कुर्मी, अति पिछड़ा वर्ग (EBC) और पासवान वोटों का अतिरिक्त लाभ मिलेगा, जो उनकी जीत का मार्जिन बढ़ाएगा।
  • ऐतिहासिक जीत का रिकॉर्ड: जेल में रहते हुए भी वह और उनकी पत्नी उपचुनाव जीत चुके हैं। यह दर्शाता है कि उनकी लोकप्रियता और दबदबा कानूनी बाधाओं से अप्रभावित है।

 

3️⃣ ❌ वीणा देवी (महागठबंधन/RJD) की हार के कारण (प्रतिकूल तथ्य)

महागठबंधन उम्मीदवार वीणा देवी की हार के पीछे निम्नलिखित कारण हो सकते हैं:

  • व्यक्तिगत बनाम नाम की लड़ाई: मोकामा में मुकाबला ‘अनंत सिंह’ बनाम ‘कोई भी उम्मीदवार’ होता है। वीणा देवी को सूरजभान सिंह की पत्नी के रूप में जाना जाता है, लेकिन वह स्वयं अनंत सिंह जितना व्यक्तिगत आकर्षण या स्थानीय जुड़ाव नहीं बना पाती हैं।
  • RJD का सीमित प्रभाव: RJD का पारंपरिक यादव-मुस्लिम (MY) समीकरण मोकामा में निर्णायक नहीं है, क्योंकि यहाँ भूमिहार मतदाता सबसे अधिक हैं। MY समीकरण को तब तक जीत नहीं दिला सकता, जब तक कि वह भूमिहार वोटों में बड़ी सेंध न लगा ले।
  • बाहुबली बनाम बाहुबली फैक्टर का बंटवारा: सूरजभान सिंह परिवार का भी इलाके में दबदबा रहा है, लेकिन 2005 से मोकामा पर अनंत सिंह का कब्जा रहा है। यह सीधी टक्कर भूमिहार वोटों का थोड़ा बंटवारा कर सकती है, लेकिन अनंत सिंह का पलड़ा भारी रहने की संभावना है।
  • एंटी-इनकम्बेंसी का कम प्रभाव: 20 सालों से विधायक रहने के बावजूद, स्थानीय जनता पार्टी की एंटी-इनकम्बेंसी को अनंत सिंह से जोड़कर नहीं देखती, बल्कि इसे उनकी छवि और व्यक्तिगत संघर्ष से जोड़ती है। विकास के मुद्दे यहां अक्सर ‘बाहुबली की लड़ाई’ के सामने फीके पड़ जाते हैं।

निष्कर्ष:

मोकामा विधानसभा चुनाव 2025 बाहुबली अनंत सिंह के दबदबे को बनाए रखने या महागठबंधन द्वारा इसे तोड़ने का प्रयास होगा। अनंत सिंह की व्यक्तिगत लोकप्रियता, भूमिहार वोटों पर उनकी मजबूत पकड़ और NDA गठबंधन का साथ उन्हें एक बार फिर निर्णायक बढ़त देता है।

मोकामा में NDA (JD(U)) के उम्मीदवार अनंत सिंह की जीत की संभावनाएँ अधिक हैं, लेकिन जीत का अंतर RJD उम्मीदवार द्वारा भूमिहार वोटों में लगाई गई सेंध पर निर्भर करेगा।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *