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रूपौली का नया ‘खेला’: क्या निर्दलीय शंकर सिंह 2025 में ‘विधायक जी’ बने रहेंगे या बीमा भारती करेंगी वापसी?

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में रूपौली (Rupauli) सीट पर मुकाबला काफी दिलचस्प और अनिश्चित रहने वाला है। हालिया उपचुनाव के नतीजों ने इस सीट की राजनीति को पूरी तरह से बदल दिया है। यहाँ मुख्य मुकाबला निर्दलीय विधायक शंकर सिंह और पूर्व विधायक बीमा भारती (RJD) के बीच माना जा रहा है, जबकि JDU (NDA) के उम्मीदवार भी मुकाबले में रहेंगे।

उपलब्ध विश्लेषण और हाल के उपचुनाव परिणामों के आधार पर, निर्दलीय उम्मीदवार शंकर सिंह (या NDA समर्थित उम्मीदवार) के जीतने की संभावना प्रबल है।


विजेता की संभावित जीत के पक्ष में विश्लेषण (निर्दलीय/NDA – शंकर सिंह)

संभावित विजेता: शंकर सिंह (निर्दलीय/NDA उम्मीदवार)

1. हालिया उपचुनाव की निर्णायक जीत (2024):

2. मजबूत व्यक्तिगत जनाधार और जातीय समीकरण:

3. NDA का संभावित समर्थन:


अन्य उम्मीदवार की संभावित हार के प्रतिकूल तथ्य (महागठबंधन – RJD)

संभावित उपविजेता: बीमा भारती (RJD)

1. कमजोर होती व्यक्तिगत पकड़ और लगातार हार:

2. अति-आत्मविश्वास और राजनीतिक पलायन (Political Migration):

3. त्रिकोणीय/बहुकोणीय मुकाबले का खतरा:

4. 2020 में जीत का आधार (अब नहीं):


निष्कर्ष

रूपौली में मुकाबला त्रिकोणीय रहेगा, लेकिन शंकर सिंह की स्थिति सबसे मजबूत है। 2024 के उपचुनाव की जीत ने उन्हें विधायक की कुर्सी के साथ-साथ एक अभेद्य व्यक्तिगत जनाधार भी दिया है। यदि वह NDA के समर्थन को अपने निर्दलीय जनाधार और राजपूत/सवर्ण वोटों के साथ मिला लेते हैं, तो उनकी जीत निश्चित है।

दूसरी ओर, बीमा भारती के लिए अपनी लगातार दो हार के बाद वापसी करना एक बड़ी चुनौती है। उन्हें RJD के कोर MY समीकरण के साथ EBC और अति दलित वोटों में बड़ी सेंध लगानी होगी, जो हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों के कारण मुश्किल लग रहा है।

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