बिहार विधानसभा की सकरा (सुरक्षित) सीट मुजफ्फरपुर जिले की एक महत्वपूर्ण सीट है, जो हमेशा से अप्रत्याशित परिणाम देने के लिए जानी जाती है। इस सीट का एक अनोखा इतिहास है—1995 के बाद से कोई भी विधायक लगातार दो बार चुनाव नहीं जीता हैवर्तमान में यह सीट जनता दल (यूनाइटेड) के अशोक कुमार चौधरी के पास है, जिन्होंने 2020 में कांग्रेस उम्मीदवार को बहुत कम अंतर ( वोट) से हराया था।

2025 के चुनाव में, यह मुकाबला फिर से NDA (JDU) बनाम महागठबंधन (RJD/Congress) के बीच कड़ा होने की उम्मीद है। विधायक अशोक चौधरी के स्वास्थ्य और उनके पुत्र आदित्य कुमार को टिकट मिलने की चर्चा के बीच, इस बार महागठबंधन के उम्मीदवार की जीत की संभावना अधिक दिखाई देती है।

संभावित विजेता: महागठबंधन उम्मीदवार (संभावित: उमेश कुमार राम/लाल बाबू राम – RJD/Congress)


महागठबंधन उम्मीदवार की जीत के पक्ष में विस्तृत विश्लेषण और तथ्य:

  1. ‘एंटी-इनकम्बेंसी’ (सत्ता विरोधी लहर) और सकरा का ‘रिवाज’:
    • सकरा विधानसभा के मतदाताओं का इतिहास रहा है कि वे किसी भी उम्मीदवार को लंबी अवधि तक कुर्सी पर नहीं बैठने देते हैं। पिछले तीन दशकों से यह ‘रिवाज’ चला आ रहा है। यह सबसे बड़ा कारक वर्तमान विधायक अशोक चौधरी या उनके पुत्र के खिलाफ जाएगा।
  2. विधायक के खिलाफ स्थानीय असंतोष और अधूरे वादे:
    • स्थानीय रिपोर्टें बताती हैं कि वर्तमान विधायक अशोक चौधरी के कार्यकाल से जनता में गहरा असंतोष है।
      • अनुमंडल का दर्जा नहीं: सकरा को अनुमंडल बनाने का चुनावी वादा अधूरा रहा।
      • पुलों का निर्माण रुका: कदाने नदी, भडवाडी और नून नदी पर पुलों का निर्माण आज तक नहीं हो सका है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी होती है।
      • स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल: क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति खराब है।
  3. NDA खेमे में संभावित टिकट विवाद/बदलाव:
    • वर्तमान विधायक अशोक चौधरी का स्वास्थ्य खराब होने की खबरें हैं और वह अपने पुत्र आदित्य कुमार को आगे बढ़ा रहे हैं। यदि JDU नए चेहरे (आदित्य कुमार) को टिकट देती है, तो उन्हें विधायक की जीत का समर्थन प्राप्त करने में कठिनाई होगी, जबकि RJD/Congress के पास 2020 में केवल वोटों से हारने वाले मजबूत उम्मीदवार (जैसे उमेश कुमार राम) का चेहरा हो सकता है।
  4. महागठबंधन का मजबूत MY-वोट बैंक:
    • आरक्षित सीट होने के बावजूद, महागठबंधन को मुस्लिम-यादव (MY) कोर वोट बैंक का पूरा लाभ मिलेगा, जो एकजुट रहता है। यह वोट बेस कड़ी टक्कर वाले इस चुनाव में एक निर्णायक बढ़त दे सकता है।
  5. 2020 का बहुत कम अंतर:
    • 2020 में JDU को केवल वोटों से जीत मिली थी (जीत का अंतर केवल )। इतने कम अंतर का मतलब है कि थोड़ा सा भी असंतोष महागठबंधन के पक्ष में नतीजों को पलट सकता है।

JDU/NDA उम्मीदवार की हार के प्रतिकूल तथ्य और आंकड़े:

यदि NDA मौजूदा विधायक अशोक चौधरी या उनके पुत्र आदित्य कुमार को उम्मीदवार बनाता है, तो उनके सामने निम्नलिखित प्रतिकूल कारक होंगे:

  1. ‘हाट सीट’ का टैग और बाहरी बनाम स्थानीय का मुद्दा:
    • अशोक चौधरी मूल रूप से कांटी के विधायक थे, जिन्हें JDU ने 2020 में सकरा से टिकट दिया। इस बार ‘बाहरी’ बनाम ‘स्थानीय’ का मुद्दा जोर पकड़ सकता है।
  2. JDU की गठबंधन में कमजोर स्थिति:
    • 2020 में LJP (R) ने NDA से अलग होकर चुनाव लड़ा था, जिससे JDU के वोट कटे थे। 2025 में भले ही LJP (R) NDA में है, लेकिन JDU के वोटों का बेस पहले से कमजोर हुआ है, खासकर SC वोटों में, जहां चिराग पासवान का सीधा प्रभाव है।
  3. जनता का मूड:
    • सकरा के मतदाता किसी भी पार्टी के बजाय उम्मीदवार के प्रदर्शन पर अधिक ध्यान देते हैं। चूंकि वर्तमान विधायक के खिलाफ स्थानीय मुद्दों (पुल, अनुमंडल) पर जनता में नाराजगी है, इसलिए एनडीए के बड़े नेता ( लोकसभा चुनाव में NDA को सकरा में मिली बढ़त) के नाम पर भी स्थानीय असंतोष भारी पड़ सकता है।
  4. त्रिकोणीय मुकाबले की संभावना:
    • अगर जन सुराज या कोई मजबूत विद्रोही उम्मीदवार मैदान में आता है (जैसा कि प्रवीण कुमार का नामांकन रद्द होने की खबर आई थी, लेकिन नए नाम आ सकते हैं), तो वह JDU के पारंपरिक EBC/SC वोटों में सेंध लगा सकता है, जिससे महागठबंधन को सीधा फायदा होगा।

निष्कर्ष और पूर्वानुमान:

सकरा सीट पर मुकाबला हमेशा की तरह बहुत कड़ा होगा। यह सीट JDU के लिए सबसे बड़ी चुनौती है, क्योंकि उसे न केवल विकास विरोधी लहर बल्कि ‘हर बार नया चेहरा’ चुनने के स्थानीय रिवाज का भी सामना करना पड़ेगा।

2020 के बेहद करीबी मुकाबले और विधायक के खिलाफ मजबूत स्थानीय असंतोष को देखते हुए, महागठबंधन (RJD/Congress) इस बार यह सीट जीतने के लिए मजबूत स्थिति में दिखाई देता है, बशर्ते वह एक मजबूत और एकजुट दलित चेहरा मैदान में उतारे।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *