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सरायरंजन का सिंहासन: ‘विजय’ की हैट्रिक या ‘MY’ समीकरण का प्रहार?

परिणाम का पूर्वानुमान (विश्लेषणात्मक संभावना)

समस्तीपुर जिले की सरायरंजन विधानसभा सीट (निर्वाचन क्षेत्र संख्या-136) बिहार की सबसे हाई-प्रोफाइल और कांटे की टक्कर वाली सीटों में से एक है। यह सीट वर्तमान में अनुभवी नेता और नीतीश कुमार के करीबी विजय कुमार चौधरी (JDU) के पास है।1 2020 में उनकी जीत का अंतर केवल 3,624 वोटों का था।2

इस बार, मुकाबला और भी कड़ा रहने की उम्मीद है, लेकिन विजय कुमार चौधरी की व्यक्तिगत छवि और सत्ता की निरंतरता का लाभ उन्हें मिल सकता है।

विजय कुमार चौधरी की जीत का मार्ग उनकी भूमिहार-सवर्ण वोटों पर मजबूत पकड़, अति पिछड़ा वर्ग (EBC) में पैठ, और सरकारी योजनाओं के लाभार्थी वर्ग के वोटों से होकर गुजरता है।


प्रमुख दावेदार और जीत/हार का निर्णायक विश्लेषण

उम्मीदवार/पार्टी वर्तमान स्थिति 2020 चुनाव परिणाम मुख्य राजनीतिक आधार
विजय कुमार चौधरी (NDA – JDU) वर्तमान विधायक (लगातार तीन बार) 72,666 वोट (जीत) भूमिहार, सवर्ण, EBC, नीतीश का शासन
अरविंद कुमार सहनी (महागठबंधन – RJD) उपविजेता (सहनी समुदाय से) 69,042 वोट (हार) यादव, मुस्लिम (MY), सहनी (निषाद)

1. विजय कुमार चौधरी (JDU) की जीत के पक्ष में विश्लेषण (सत्ता और प्रतिष्ठा की ताकत)

विजय कुमार चौधरी की संभावित जीत के मुख्य कारण और अनुकूल तथ्य निम्नलिखित हैं:

2. अरविंद कुमार सहनी (RJD) की हार के लिए मुख्य चुनौतियाँ (जातीय गणित और ‘टक्कर’ का प्रभाव)

RJD उम्मीदवार अरविंद कुमार सहनी के लिए जीत हासिल करने में ये कारक बाधा उत्पन्न कर सकते हैं:


निष्कर्ष

सरायरंजन सीट का चुनाव परिणाम महागठबंधन के MY समीकरण की एकजुटता और NDA के सवर्ण, EBC और लाभार्थी वर्ग के गठजोड़ के बीच सीधा संघर्ष है।

विजय कुमार चौधरी (JDU) की व्यक्तिगत राजनीतिक प्रतिष्ठा, लगातार तीन बार की जीत का अनुभव, और NDA गठबंधन की एकजुटता (विशेषकर LJP का समर्थन) उन्हें इस बार भी एक संकीर्ण जीत (Narrow Victory) दिलाने की प्रबल संभावना रखती है। RJD के लिए यह सीट एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि उन्हें अपने MY आधार को बनाए रखते हुए उपविजेता रहे सहनी वोटों को पूरी तरह से अपनी ओर खींचना होगा, जो चौधरी की मजबूत उपस्थिति में कठिन लगता है।

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