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🎤 स्टार प्रचारकों का आमना-सामना: आख़िरी दौर की ज़ोरदार टक्कर

बिहार विधानसभा चुनाव में, दूसरे और अंतिम चरण के प्रचार का शोर थमने से पहले, देश और राज्य के सबसे बड़े नेताओं ने ज़मीन पर अपनी पूरी ताकत झोंक दी। यह एक तरह से रणनीतिक लड़ाई थी, जहाँ हर नेता अपने गठबंधन के लिए अंतिम वोट खींचने की कोशिश कर रहा था।

इस लड़ाई में दो प्रमुख खेमे थे:

खेमा प्रमुख स्टार प्रचारक मुख्य नारा और मुद्दा
NDA नरेंद्र मोदी (प्रधानमंत्री), अमित शाह (केंद्रीय गृह मंत्री), नीतीश कुमार (मुख्यमंत्री) ‘जंगलराज’ से मुक्ति, विकास, सुशासन, महिला सशक्तिकरण।
महागठबंधन (MGB) राहुल गांधी (वरिष्ठ कांग्रेस नेता), तेजस्वी यादव (RJD नेता और CM उम्मीदवार) रोज़गार (नौकरी), बदलाव की लहर, सत्ता विरोधी लहर।

1. NDA का त्रिमूर्ति हमला (The NDA Trio Attack)

NDA ने अपने तीन सबसे बड़े चेहरों को एक साथ मैदान में उतारा, जिन्होंने अलग-अलग तरह से मतदाताओं को लुभाने की कोशिश की।

क. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (The National Face):

ख. गृह मंत्री अमित शाह (The Strategist):

ग. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (The Local Appeal):


 

2. महागठबंधन का ‘बदलाव’ का मोर्चा (The MGB ‘Change’ Front)

महागठबंधन ने दो युवा और आक्रामक चेहरों को एक साथ लाकर NDA के अनुभवी नेतृत्व को चुनौती दी।

क. तेजस्वी यादव (The Youth Icon):

ख. राहुल गांधी (The National Challenger):


 

3. निर्णायक लड़ाई का सार

अंतिम चरण के प्रचार ने बिहार चुनाव को ‘जंगलराज’ बनाम ‘रोज़गार’ की लड़ाई बना दिया है।

यह स्टार प्रचारकों का आमना-सामना अब 11 नवंबर को मतदाताओं के वोट के रूप में और 14 नवंबर को नतीजों के रूप में सामने आएगा।

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