बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में दरभंगा की अलीनगर सीट पर मुकाबला इस बार बेहद रोमांचक और हाई-प्रोफाइल हो गया है। इस सीट पर बीजेपी ने प्रसिद्ध लोक गायिका मैथिली ठाकुर को मैदान में उतारकर इसे हॉट सीट बना दिया है। मौजूदा समीकरणों और उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि को देखते हुए, NDA गठबंधन के उम्मीदवार की जीत की संभावना अधिक है।
संभावित विजेता: मैथिली ठाकुर (भारतीय जनता पार्टी – BJP) – NDA गठबंधन
NDA गठबंधन ने एक युवा, लोकप्रिय चेहरे को मैदान में उतारा है, जो न केवल पारंपरिक वोट बैंक बल्कि सभी समुदायों के मतदाताओं को आकर्षित करने की क्षमता रखता है।
मैथिली ठाकुर (BJP-NDA) की जीत के पक्ष में विस्तृत विश्लेषण और तथ्य:
- ‘सेलिब्रिटी’ फैक्टर और मिथिला का गौरव:
- मैथिली ठाकुर एक प्रसिद्ध लोक गायिका हैं और उनकी पहचान सिर्फ क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि वह मिथिला संस्कृति का एक चेहरा हैं। यह ‘सेलिब्रिटी’ स्टेटस उन्हें युवा और महिला मतदाताओं के बीच भारी लोकप्रियता दिलाएगा।
- भाजपा की रणनीति जाति से ऊपर उठकर एक लोकप्रिय चेहरे के माध्यम से वोट हासिल करने की है, जो पारंपरिक जातिगत समीकरणों को तोड़ने की क्षमता रखती है।
- सवर्ण और गैर-यादव OBC/EBC का मजबूत ध्रुवीकरण:
- अलीनगर सीट ब्राह्मण बहुल मानी जाती है। मैथिली ठाकुर के पक्ष में सवर्ण (ब्राह्मण, राजपूत आदि) मतदाताओं का एकमुश्त समर्थन मिलने की प्रबल संभावना है।
- इसके अलावा, NDA का मजबूत संगठन और गैर-यादव OBC/EBC मतदाताओं का बड़ा हिस्सा, जो भाजपा के साथ मजबूती से खड़ा है, उनकी जीत का आधार बनेगा।
- NDA की संगठनात्मक मजबूती और पिछले चुनाव की सफलता:
- 2020 में, NDA गठबंधन के तहत VIP के मिश्री लाल यादव ने RJD के बिनोद मिश्रा को सिर्फ 3,101 वोटों के बहुत कम अंतर से हराया था। मिश्री लाल यादव बाद में भाजपा में शामिल हो गए थे।
- बीजेपी ने इस सीट पर मिश्री लाल यादव का टिकट काटकर मैथिली ठाकुर को मौका दिया है। यह दिखाता है कि पार्टी ‘विजेता उम्मीदवार’ (Winnability) के फॉर्मूले पर भरोसा कर रही है, और उम्मीद है कि मैथिली की लोकप्रियता इस करीबी अंतर को बड़े अंतर में बदल देगी।
- महिला मतदाताओं का समर्थन:
- बीजेपी की केंद्र और राज्य सरकार की महिला-केंद्रित योजनाओं और एक महिला उम्मीदवार होने के कारण महिला मतदाताओं का एक बड़ा वर्ग उनके पक्ष में लामबंद हो सकता है, जो जीत में निर्णायक साबित होगा।
विनोद मिश्रा (RJD-महागठबंधन) की हार के प्रतिकूल तथ्य और आंकड़े:
महागठबंधन ने इस सीट से विनोद मिश्रा को फिर से टिकट दिया है। उनकी जीत की राह में निम्नलिखित चुनौतियाँ हैं:
- RJD के ‘MY’ समीकरण का सीमित प्रभाव:
- अलीनगर सीट पर मुस्लिम-यादव (MY) मतदाताओं की संख्या अधिक है, जो महागठबंधन का आधार है। 2020 में RJD उम्मीदवार को 57,981 वोट मिले थे, जो MY समीकरण को दर्शाते हैं।
- हालाँकि, यह सीट ब्राह्मण और सवर्ण बहुल भी है। MY समीकरण का कुल मत प्रतिशत NDA के सवर्ण और अन्य पिछड़ा वर्ग/अति पिछड़ा वर्ग (OBC/EBC) के संयुक्त वोट बैंक को मात देने के लिए अपर्याप्त साबित हो सकता है।
- मैथिली ठाकुर की ‘गैर-जातीय’ अपील:
- RJD के लिए सबसे बड़ी चुनौती मैथिली ठाकुर का गैर-जातीय आकर्षण है। मैथिली ठाकुर महागठबंधन के सवर्ण, अति पिछड़ा और यहाँ तक कि कुछ मुस्लिम-यादव वोटों में भी सेंध लगा सकती हैं, जिससे RJD का पारंपरिक वोट बैंक कमजोर होगा।
- 2020 में करीबी हार:
- 2020 में, विनोद मिश्रा VIP के मिश्री लाल यादव से केवल 3,101 वोटों के मामूली अंतर से हार गए थे। यह दिखाता है कि RJD के पारंपरिक वोट बैंक से बाहर उनका आधार कमज़ोर है।
- टिकट कटने से असंतोष का लाभ:
- वर्तमान विधायक मिश्री लाल यादव का टिकट कटने के बाद उनके समर्थकों में असंतोष की खबरें हैं, और उनके निर्दलीय या किसी अन्य गठबंधन से चुनाव लड़ने की अटकलें हैं। यदि मिश्री लाल यादव NDA के ब्राह्मण/यादव वोटों को काटते हैं, तो यह सीधे तौर पर RJD को लाभ पहुंचाएगा। हालांकि, मैथिली ठाकुर की लोकप्रियता इस संभावित नुकसान की भरपाई कर सकती है।
निष्कर्ष और पूर्वानुमान:
अलीनगर विधानसभा सीट का मुकाबला NDA की ओर से ‘नई-पीढ़ी के आकर्षण’ और महागठबंधन के ‘पारंपरिक जातिगत समीकरण’ के बीच है।
मैथिली ठाकुर की असाधारण लोकप्रियता, BJP की संगठनात्मक ताकत और सवर्ण/EBC का मजबूत समर्थन NDA उम्मीदवार को एक निर्णायक बढ़त प्रदान करता है। RJD का ‘MY’ समीकरण अपनी पूरी ताकत दिखाने के बावजूद, एक सेलिब्रिटी चेहरे के जातीय गणित को तोड़ने की क्षमता के कारण पीछे पड़ सकता है।
पूर्वानुमान: मैथिली ठाकुर (BJP-NDA) के इस सीट से जीतने की संभावना अधिक है, लेकिन RJD का मजबूत आधार इसे कड़ी टक्कर वाला मुकाबला बनाए रखेगा।