पूर्वी चंपारण जिले की कल्याणपुर विधानसभा सीट (Kalyanpur Assembly Seat) बिहार के सबसे रोचक और अनिश्चित चुनावी क्षेत्रों में से एक है। 2020 में यह सीट बेहद कम अंतर से जीती गई थी और यहाँ के मतदाताओं का मिजाज हर चुनाव में बदलने का रहा है।1

प्रमुख संभावित उम्मीदवार (2025 के नवीनतम घोषणाओं के आधार पर):

  • महागठबंधन (RJD): मनोज कुमार यादव (वर्तमान विधायक, 2020 के विजेता)2
  • NDA (BJP/JDU/अन्य): सचिंद्र प्रसाद सिंह (2020 के उपविजेता, BJP) या गठबंधन से कोई अन्य मजबूत चेहरा
  • अन्य: CPI-ML (रणजीत कुमार राम), जनसुराज (यदि उम्मीदवार उतरता है)

RJD उम्मीदवार मनोज कुमार यादव की जीत के संभावित अनुकूल तथ्य और विश्लेषण

अनुकूल तथ्य/विश्लेषण विवरण
वर्तमान विधायक का लाभ मनोज कुमार यादव 2020 में 1193 वोटों के मामूली अंतर से यह सीट जीत चुके हैं, जिससे उनका अपना जनाधार और पार्टी संगठन मजबूत हुआ है।
यादव-मुस्लिम (M-Y) समीकरण यह सीट RJD के पारंपरिक M-Y समीकरण के लिए महत्वपूर्ण है। क्षेत्र में लगभग 15% यादव और 12% मुस्लिम मतदाता हैं, जिनका एकजुट वोट RJD की जीत का आधार बन सकता है।
करीबी मुकाबला (2020) पिछला चुनाव बहुत करीबी था। तीसरे स्थान पर रहे बसपा उम्मीदवार के 6367 वोट विभाजन का कारण बने थे। यदि इस बार विपक्षी दलों के वोट का बिखराव कम होता है, तो RJD की स्थिति मजबूत हो सकती है।
तेजस्वी यादव का प्रभाव युवा नेतृत्व और ‘रोजगार’ जैसे मुद्दों पर तेजस्वी यादव की अपील मौजूदा विधायक के पक्ष में अतिरिक्त वोट ला सकती है।

 

NDA उम्मीदवार सचिंद्र प्रसाद सिंह (या NDA) के लिए संभावित प्रतिकूल तथ्य और आँकड़े

प्रतिकूल तथ्य/आँकड़े विवरण
विधानसभा में लगातार जीत का रिकॉर्ड नहीं इस सीट का इतिहास रहा है कि कोई भी विधायक दोबारा नहीं जीता है (2008 परिसीमन के बाद)। यह वर्तमान विधायक के लिए एक बड़ा खतरा है और NDA को वापसी का मौका देता है।
कम अंतर से हार (2020) 2020 में BJP के सचिंद्र प्रसाद सिंह केवल 1193 वोटों के अंतर से हारे थे, जो 0.80% का अंतर था। यह इंगित करता है कि थोड़ी सी भी लहर या रणनीतिक बदलाव NDA को सीट दिला सकता है।
संसदीय चुनाव में बढ़त 2024 के लोकसभा चुनाव में इस विधानसभा क्षेत्र से NDA (BJP) को 14,014 वोटों की बढ़त मिली थी। हालांकि यह विधानसभा चुनाव से अलग होता है, लेकिन यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम और राष्ट्रवाद के मुद्दे पर मतदाताओं के समर्थन को दर्शाता है।
उच्च जाति और अतिपिछड़ा वोट क्षेत्र में राजपूत (13%) और ब्राह्मण (10%) जैसे उच्च जाति के मतदाताओं के साथ-साथ अतिपिछड़ा (EBC) मतदाताओं का भी अच्छा दबदबा है, जो पारंपरिक रूप से NDA का कोर वोट बैंक रहा है।

निष्कर्ष (अनिश्चितता के कारण):

कल्याणपुर सीट की प्रवृत्ति हर बार विधायक बदलने की रही है, जो इसे “अस्थिर राजनीतिक क्षेत्र” बनाता है। 2025 का चुनाव मुख्य रूप से वर्तमान विधायक मनोज कुमार यादव (RJD) और NDA (संभावित सचिंद्र प्रसाद सिंह, BJP) के बीच सीधा और कड़ा मुकाबला होगा।

  • यदि RJD अपना MY (यादव-मुस्लिम) वोट बैंक बरकरार रखता है और अतिपिछड़ा वर्ग से कुछ समर्थन हासिल करता है, तो मनोज कुमार यादव अपनी जीत दोहरा सकते हैं।
  • यदि NDA 2024 के लोकसभा चुनाव वाली बढ़त को विधानसभा स्तर तक ले जा पाता है, खासकर उच्च जाति और अतिपिछड़ा मतदाताओं को एकजुट करके, तो यह सीट NDA के पाले में जा सकती है।

अंतिम विजेता का फैसला बहुत कम अंतर से होगा, जो उस समय की चुनावी लहर, उम्मीदवार का चयन, स्थानीय मुद्दे और वोटिंग पैटर्न पर निर्भर करेगा। इसलिए, किसी भी एक उम्मीदवार को निश्चित विजेता घोषित करना वर्तमान में संभव नहीं है।

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