Site icon winapoll.com

पटना साहिब: BJP का ‘अभेद्य किला’ – क्या ‘MY’ समीकरण 7 बार के चैंपियन को चुनौती दे पाएगा?1

 

 

1️⃣ प्रमुख उम्मीदवार और चुनावी समीकरण

 

गठबंधन/पार्टी संभावित/वर्तमान उम्मीदवार प्रमुख जाति/पहचान स्थिति और टिप्पणी
NDA (BJP) नंद किशोर यादव (वर्तमान विधायक/अध्यक्ष) या सम्राट चौधरी (प्रदेश अध्यक्ष/उपमुख्यमंत्री) यादव / कुशवाहा नंद किशोर यादव यहाँ से लगातार 7 बार (1995 से 2020) जीत चुके हैं। इस बार सम्राट चौधरी को उतारने की चर्चा भी है।
महागठबंधन (RJD) नया चेहरा (भाजपा नेता का पुत्र?) यादव/अन्य पिछली बार कांग्रेस (INC) उपविजेता थी। इस बार महागठबंधन (RJD) ने सीधे यह सीट लड़ने की रणनीति बनाई है।

 

2️⃣ 🌟 NDA (BJP) की संभावित जीत के कारण (अनुकूल तथ्य)

 

पटना साहिब सीट BJP के लिए सुरक्षित सीटों में से एक है, जिसके कारण NDA की जीत की संभावनाएँ अत्यधिक प्रबल रहती हैं:


 

3️⃣ 📉 अन्य उम्मीदवारों की हार के कारण (प्रतिकूल तथ्य और आंकड़े)

 

विपक्ष के लिए पटना साहिब सीट जीतना एक दुर्गम चुनौती है, जिसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:


निष्कर्ष:

पटना साहिब विधानसभा सीट BJP का एक दुर्जेय किला है जिसे भेदना लगभग असंभव है। यहाँ दशकों से वैश्य-सवर्ण मतदाताओं का BJP के प्रति अटूट विश्वास रहा है, जो ‘मोदी फैक्टर’ और ‘नंद किशोर यादव फैक्टर’ (या संभावित ‘सम्राट चौधरी फैक्टर’) से और भी मज़बूत होता है।

महागठबंधन की नई रणनीति, जिसमें RJD सीधे यह सीट लड़ रही है, इस किले को हिला सकती है, लेकिन तोड़ नहीं सकती। जब तक RJD शहरी मतदाताओं के लिए एक विश्वसनीय विकल्प पेश नहीं करती और वैश्य-सवर्ण वोट बैंक में कोई बड़ा बिखराव नहीं होता, तब तक NDA (BJP) उम्मीदवार की जीत की संभावनाएँ लगभग सुनिश्चित हैं।

Exit mobile version