बथनाहा विधानसभा (सीट क्रम संख्या 24) सीतामढ़ी जिले की एक महत्वपूर्ण और अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित सीट है। 2010 में सुरक्षित सीट बनने के बाद से यह लगातार तीन चुनावों (2010, 2015, 2020) में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कब्जे में रही है, जिससे यह NDA का एक मजबूत गढ़ बन गया है।1
प्रमुख दावेदार (2025 के अनुसार):
- अनिल कुमार राम (NDA/BJP): वर्तमान विधायक (2020 में 46,818 मतों के बड़े अंतर से जीते)।2
- इंजीनियर नवीन कुमार (जन सुराज/महागठबंधन संभावित): जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार (रिपोर्ट्स के अनुसार महागठबंधन से कांग्रेस के उम्मीदवार नवीन कुमार या इंजीनियर नवीन कुमार मैदान में हैं)।
- अन्य उम्मीदवार: कांग्रेस के संजय राम (2020 के उपविजेता) या नए उम्मीदवार, जो वोटों का विभाजन कर सकते हैं।3
अनिल कुमार राम/NDA (BJP) की जीत के संभावित अनुकूल तथ्य और विश्लेषण
| अनुकूल तथ्य/विश्लेषण | विवरण |
| ऐतिहासिक और लगातार जीत | यह सीट 2010 में सुरक्षित होने के बाद से BJP का ‘अभेद्य किला’ बन गई है। BJP ने लगातार तीन चुनाव (2010, 2015, 2020) जीते हैं। यह मजबूत सांगठनिक आधार और स्थायी मतदाता समर्थन को दर्शाता है। |
| विशाल जीत का अंतर (2020) | 2020 के चुनाव में अनिल कुमार राम ने कांग्रेस के संजय राम को 46,818 वोटों के भारी अंतर से हराया था। यह अंतर लगभग 28.20% था, जो उनकी लोकप्रियता और NDA की ताकत का स्पष्ट संकेत है। |
| जातीय समीकरण पर पकड़ | यह सीट SC के लिए आरक्षित है, जहाँ पासवान और रविदास समुदाय के मतदाताओं की हार-जीत में अहम भूमिका है। NDA का गठबंधन (जिसमें चिराग पासवान की LJP (R) भी शामिल है) और मोदी/NDA फैक्टर परंपरागत रूप से इन समुदायों के एक बड़े हिस्से का समर्थन प्राप्त करता है। |
| विकास कार्य और कनेक्टिविटी | पिछले कुछ वर्षों में क्षेत्र में सड़कों, पुलों और पुलियाओं का निर्माण हुआ है, जिसने ग्रामीण कनेक्टिविटी को बढ़ाया है। इन विकास कार्यों का श्रेय BJP को मिल सकता है। |
महागठबंधन/कांग्रेस/इंजीनियर नवीन कुमार के लिए जीत की राह और प्रतिकूल तथ्य
| प्रतिकूल तथ्य/विश्लेषण (महागठबंधन के लिए जीत की राह) | विवरण |
| सत्ता विरोधी लहर (Anti-Incumbency) | विधायक अनिल कुमार राम को लेकर क्षेत्र में विरोध की भावना (Anti-Incumbency) दिखाई दे रही है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें ग्रामीण उनसे “पांच साल का हिसाब” मांगते हुए नजर आए थे। स्थानीय लोगों की नाराजगी महागठबंधन के पक्ष में जा सकती है। |
| अनसुलझे स्थानीय मुद्दे | बथनाहा आज भी बागमती और लखनदेई नदियों से होने वाली बाढ़, सिंचाई की समस्या, और सहियारा को प्रखंड बनाने जैसी पुरानी मांगों से जूझ रहा है। उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार न होने के मुद्दे पर विपक्ष NDA को घेर सकता है। |
| SC-मुस्लिम-यादव (M-Y) वोटों का ध्रुवीकरण | बथनाहा में अनुसूचित जाति (SC) के लगभग 15.13% और मुस्लिम समुदाय के लगभग 13.90% मतदाता हैं। यदि महागठबंधन अपने मजबूत M-Y (मुस्लिम-यादव) आधार के साथ SC के वोटों में एंटी-इनकम्बेंसी के कारण सेंध लगाने में सफल होता है, तो मुकाबला कड़ा हो सकता है। |
| कम मतदान प्रतिशत | 2020 में मतदान प्रतिशत लगभग 57.4% था। क्षेत्र के लगभग 44% मतदाताओं ने मतदान में भाग नहीं लिया था। यदि महागठबंधन उन गैर-मतदाताओं को बाहर निकालने में सफल होता है जो सत्ता विरोधी लहर से प्रभावित हैं, तो जीत की संभावनाएँ बढ़ेंगी। |
निष्कर्ष और चुनावी संभावना (2025):
बथनाहा सीट पर NDA (BJP) के पास अपनी लगातार तीन जीत, विशाल मार्जिन और मजबूत सामाजिक/संगठनात्मक आधार का स्पष्ट लाभ है।
महागठबंधन के लिए सबसे बड़ी चुनौती BJP के अभेद्य किले को तोड़ना है, जिसके लिए उसे सत्ता विरोधी लहर को भुनाना होगा और अपने SC+M-Y समीकरण को साधते हुए भारी जीत के अंतर को कम करना होगा।
वर्तमान राजनीतिक और ऐतिहासिक विश्लेषण के आधार पर, बथनाहा (SC) सीट पर NDA (BJP) उम्मीदवार अनिल कुमार राम के फिर से जीतने की प्रबल संभावना है, लेकिन विधायक के प्रति स्थानीय नाराजगी जीत के मार्जिन को कम कर सकती है।