देश के लोकतंत्र की मजबूती के लिए चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची को सटीक और पारदर्शी बनाने के लिए विशेष कदम उठाया जा रहा है। चुनाव आयोग ने 2025 में 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) नामक विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया शुरू की है। यह प्रक्रिया मतदाता सूची में नामों का पुनः सत्यापन, त्रुटियों का सुधार और असंगत नाम हटाने के लिए हो रही है। इस कदम को चुनावों की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

SIR क्या है?

SIR या स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन एक ऐसा कदम है जिसमें बूथ स्तर के अधिकारियों द्वारा घर-घर जाकर मतदाता सूची की जाँच की जाती है। इस प्रक्रिया में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन तीन मुख्य चरण होते हैं। इसके तहत हर मतदाता का नाम, पता, उम्र और अन्य विवरण की जांच होती है ताकि सूची में असत्यापित या मृत व्यक्तियों के नाम शामिल न रहें।

बूथ लेवल अधिकारी (BLO) इस पूरी प्रक्रिया के प्रमुख पर्यवेक्षक होते हैं, जो मतदाताओं से संपर्क कर सूची की सटीकता हेतु आवश्यक सामग्री संकलित करते हैं।

प्रक्रिया का विस्तार और समय सीमा

2025 के अंत तक इस प्रक्रिया के पहले चरण के सफल आयोजन के बाद, चुनाव आयोग ने इस पुनरीक्षण का दूसरा चरण 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू किया है। इन राज्यों में उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु, केरल, छत्तीसगढ़, अंडमान और निकोबार, लक्षद्वीप, गोवा, और पुडुचेरी शामिल हैं।

इस चरण में लगभग 51 करोड़ मतदाताओं की सूची पुनः जांची और अद्यतन की जाएगी। ड्राफ्ट मतदाता सूची 9 दिसंबर 2025 को जारी की जाएगी, जिसके बाद मतदाता उसे जांच सकेंगे तथा आपत्तियां दर्ज करवा सकेंगे। अंतिम सूची 7 फरवरी 2026 को जारी होगी, जो आगामी चुनावों के लिए आधार बनेगी।

विपक्षी दलों का विरोध

हालांकि चुनाव आयोग का उद्देश्य मतदाता सूची को स्वच्छ बनाना और चुनावी पारदर्शिता सुनिश्चित करना है, कई विपक्षी दलों ने इस प्रक्रिया का कड़ा विरोध किया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, तमिलनाडु के एम के स्टालिन समेत कई विपक्षी नेताओं ने SIR को मतदाता नाम काटने का हथियार बताया। उनका यह तर्क है कि इस प्रक्रिया के माध्यम से कई योग्य मतदाताओं के नाम हटाए जा सकते हैं, जिससे लोकतंत्र की जड़ें कमजोर हो सकती हैं।

कई दल इसे एक गुप्त सियासी चाल मानते हैं, जो चुनाव परिणामों को प्रभावित करने के लिए किया जा रहा है। कांग्रेस समेत कुछ अन्य पार्टियों ने भी इस प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं और आरोप लगाया है कि इसे वोटर सूची के शुद्धिकरण के नाम पर असंबंधित मतदाताओं की पहचान कर उनकी भागीदारी को खत्म करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

चुनाव आयोग का रुख

चुनाव आयोग ने इस विरोध का कड़ा जवाब दिया है और विश्वास दिलाया है कि SIR पूरी पारदर्शिता और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत संचालित होगा। आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि बीएलओ की भूमिका निर्णायक होगी और मतदाताओं को अपनी जानकारी अपडेट करने का पर्याप्त मौका मिलेगा।

उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया से निष्पक्ष और त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार होगी, जो आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों की विश्वसनीयता को बढ़ाएगी। आयोग ने अपील की है कि मतदाता इस प्रक्रिया में सहयोग करें और मतदान की अपनी भूमिका निभाएं।

SIR का महत्व और संभावित सुधार

यह विशेष अभियान लोकतंत्र की आधारशिला मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। वोटर लिस्ट की शुद्धता सीधे चुनावी निष्पक्षता, लोक भरोसे और शासन व्यवस्था की दक्षता से जुड़ी है। बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले इस तरह की प्रक्रिया का सफल आयोजन आयोग के लिए मील का पत्थर था।

इस प्रक्रिया से अवैध वोटिंग और मतदाता सूची में फर्जी नामों को हटाने में मदद मिलेगी। मतदाताओं के नामांकन में गड़बड़ी दूर होगी और मतदान केंद्रों पर वोटिंग प्रक्रिया अधिक सहज और सटीक होगी।

चुनौतियां और भविष्य की राह

हालांकि, विपक्षी कहासुनी और बहस इसके लिए बाधक बन सकती है। लोकतंत्र में इस तरह के प्रक्रियागत सुधारों के लिए व्यापक सहमति आवश्यक है। इसके बिना मतदाता विश्वास कमजोर हो सकता है। इसीलिए निर्वाचन आयोग को बेहद सावधानी और पारदर्शिता के साथ प्रक्रिया को आगे बढ़ाना होगा।

मतदाताओं को भी स्वयं सक्रिय रहना होगा और अपनी जानकारी की जांच एवं सुधार कराने में भागीदारी बढ़ानी होगी। राजनीतिक दलों को इस प्रक्रिया को लेकर निष्पक्ष और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए जिससे चुनावों का जनतांत्रिक चरित्र बना रहे।


चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक है, जिसमें मतदाता सूची को समय-समय पर साफ-सफाई और सत्यापन के जरिये चुस्त-दुरुस्त रखा जाता है। यह पहल भारत के चुनावी तंत्र को और अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।

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