रघुनाथपुर विधानसभा सीट सीवान जिले की एक महत्वपूर्ण और सामान्य सीट है, जिस पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का कब्जा रहा है। इस बार यह सीट सीवान के दिवंगत बाहुबली नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब को टिकट दिए जाने के कारण पूरे बिहार में एक हाई-प्रोफाइल मुकाबला बन गई है।1

जीत की संभावना (पूर्वानुमान)

रघुनाथपुर सीट पर ओसामा शहाब (RJD / महागठबंधन) की जीत की संभावना अधिक है। हालांकि, यह मुकाबला एनडीए (JDU) उम्मीदवार के कारण काफी कड़ा होगा।


विजेता उम्मीदवार के जीतने के मुख्य कारण और विश्लेषण (ओसामा शहाब – RJD / महागठबंधन)

तथ्य एवं सांख्यिकी विश्लेषण एवं कारण
‘शहाबुद्दीन विरासत’ का भावनात्मक वोट ओसामा शहाब पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन के बेटे हैं, जिनकी सीवान क्षेत्र में एक भावनात्मक और व्यापक राजनीतिक उपस्थिति रही है। राजद द्वारा उन्हें टिकट देना मुस्लिम मतदाताओं को पूरी तरह से एकजुट करने की रणनीति है।
RJD का मजबूत ‘M-Y’ समीकरण रघुनाथपुर सीवान लोकसभा क्षेत्र में आता है, जहाँ मुस्लिम (23% से अधिक) और यादव (12%) मतदाताओं की संख्या निर्णायक है। ओसामा शहाब (मुस्लिम) के आने से यह वोट बैंक पूरी तरह से लामबंद होने की उम्मीद है।
वर्तमान रुझान और पूर्व विधायक का समर्थन वर्तमान विधायक हरिशंकर यादव (RJD) ने ओसामा शहाब के लिए अपनी सीट छोड़ दी है। यह कदम राजद के भीतर एकजुटता का संदेश देता है और यादव वोट बैंक के एक बड़े हिस्से को ओसामा के पक्ष में बनाए रखने में मदद करेगा।
पिछली जीत का अंतर 2020 में RJD के हरिशंकर यादव ने LJP उम्मीदवार को 17,965 वोटों के बड़े अंतर से हराया था। यह इस बात का सबूत है कि M-Y समीकरण इस सीट पर प्रभावी रहा है।

अन्य उम्मीदवार के न जीतने के प्रतिकूल तथ्य और सांख्यिकी (NDA उम्मीदवार – विकास कुमार सिंह ‘जीशु सिंह’ – JDU)

प्रतिकूल तथ्य एवं सांख्यिकी विश्लेषण एवं कारण
वोटों का ध्रुवीकरण और ‘बाहुबली की छवि’ ओसामा शहाब के मैदान में उतरने से वोटों का ध्रुवीकरण होने की प्रबल संभावना है। NDA, खासकर JDU के उम्मीदवार विकास कुमार सिंह (जीशु सिंह), राजपूत (ठाकुर – 10%) वोट बैंक और भूमिहार के साथ-साथ अति पिछड़ा वर्ग के वोटों को एकजुट करके एक मजबूत चुनौती पेश करेंगे।
2024 लोकसभा चुनाव की लीड 2024 के लोकसभा चुनाव में, भले ही हिना शहाब निर्दलीय लड़ी थीं, लेकिन NDA (JDU/BJP) को इस विधानसभा क्षेत्र में एक मजबूत बढ़त मिली थी। यह बताता है कि राष्ट्रीय और राज्य स्तर के गठबंधन की ताकत निर्णायक हो सकती है।
स्थानीय असंतोष और विकास का मुद्दा कुछ स्थानीय जनता की शिकायतें हैं कि विधायक ने विकास के मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया है। JDU के विकास कुमार सिंह इस असंतोष को भुनाने की पूरी कोशिश करेंगे और कानून-व्यवस्था के पुराने मुद्दों को भी उठा सकते हैं।
NDA का मजबूत जातीय समीकरण JDU का मुख्य फोकस कुर्मी-कोईरी (अति पिछड़ा), दलित और NDA के कोर सवर्ण वोटों को एक साथ लाना है। यदि यह समीकरण सफल होता है और मुस्लिम/यादव वोट बैंक में थोड़ी भी दरार आती है, तो NDA उलटफेर कर सकती है।

निष्कर्ष:

रघुनाथपुर सीट पर ओसामा शहाब का मैदान में उतरना RJD के लिए तुरुप का इक्का साबित हो सकता है, क्योंकि यह सीधे तौर पर शहाबुद्दीन परिवार की राजनीतिक विरासत को भुनाएगा और ‘M-Y’ समीकरण को चरम पर ले जाएगा। हालांकि, विकास कुमार सिंह (JDU) के नेतृत्व में NDA पूरी ताकत लगा रही है। यह मुकाबला RJD की सामाजिक गणित और NDA की विकास बनाम बाहुबल की पिच के बीच होगा। वर्तमान समीकरणों को देखते हुए ओसामा शहाब (RJD / महागठबंधन) की जीत की संभावना अधिक है, लेकिन NDA की रणनीति इसे एक कड़ा और कांटेदार मुकाबला बना देगी।

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