आंध्र प्रदेश के तट पर चक्रवात ‘मोंथा’ का असर दिख रहा है। मौसम विभाग ने तटीय इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है, और एनडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं।

बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न हुआ चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ (Cyclone Montha) तेजी से आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ रहा है, जिससे राज्य के तटीय जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। यह चक्रवात वर्तमान में एक गंभीर चक्रवाती तूफान (Severe Cyclonic Storm) की श्रेणी में है और इसके देर रात तक या अगले सुबह तक तट से टकराने की आशंका है।

मौसम विभाग की चेतावनी और प्रभाव

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चक्रवात ‘मोंथा’ के मद्देनजर विस्तृत चेतावनी जारी की है, जो निम्नलिखित गंभीर प्रभावों की ओर इशारा करती है:

  1. भारी से बहुत भारी बारिश: तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के कुछ हिस्सों में अगले 48 घंटों के दौरान भारी से अत्यंत भारी बारिश होने का अनुमान है। इससे निचले इलाकों में व्यापक जलभराव और बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
  2. तेज हवाएँ: तट से टकराते समय हवा की गति 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुँच सकती है, जिससे कच्चे मकानों, पेड़ों और बिजली के खंभों को गंभीर नुकसान पहुँच सकता है।
  3. तटीय क्षेत्रों में नुकसान:
    • तूफ़ानी लहरें (Storm Surge): समुद्र में 1 से 1.5 मीटर तक ऊँची तूफ़ानी लहरें उठ सकती हैं, जो निचले तटीय क्षेत्रों में प्रवेश कर सकती हैं और फसलों तथा संपत्ति को नुकसान पहुँचा सकती हैं।
    • मछली पकड़ने पर प्रतिबंध: मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है, और जो पहले से समुद्र में हैं उन्हें तत्काल तट पर लौटने के लिए कहा गया है।

प्रशासनिक तैयारी और NDRF की तैनाती

राज्य और केंद्र सरकारें इस प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए युद्धस्तर पर तैयारी कर रही हैं।

  • NDRF की टीमें: राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की कई टीमों को सबसे अधिक संवेदनशील जिलों जैसे विशाखापत्तनम, कृष्णा, गुंटूर और पूर्वी गोदावरी में तैनात किया गया है। ये टीमें बचाव और राहत कार्यों के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
  • तटीय निकासी: जिला प्रशासन ने तटीय गाँवों और निचले इलाकों में रहने वाले हजारों लोगों को सुरक्षित आश्रयों और चक्रवात केंद्रों में निकालना (Evacuation) शुरू कर दिया है।
  • बिजली और संचार: बिजली आपूर्ति और संचार लाइनों को नुकसान होने की आशंका को देखते हुए, मरम्मत और बहाली के लिए त्वरित प्रतिक्रिया टीमें (Quick Response Teams) गठित की गई हैं।
  • फसलों की सुरक्षा: किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी तैयार फसलों की कटाई जल्द से जल्द कर लें और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर भंडारित करें।

यह चक्रवात एक गंभीर चुनौती पेश कर रहा है। प्रशासन लोगों से IMD की चेतावनियों का पालन करने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में रहने की अपील कर रहा है।

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