बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में सिमरी बख्तियारपुर विधानसभा सीट (Simri Bakhtiarpur Assembly Constituency) एक अत्यंत ही संवेदनशील और कांटेदार मुकाबला होने जा रहा है। यह सीट वर्तमान में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के पास है, लेकिन 2020 में जीत का अंतर बहुत कम (महज 1,759 वोट) था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि NDA गठबंधन इस बार पूरी ताकत से इसे छीनने की कोशिश करेगा।

संभावित विजेता: युसूफ सलाहउद्दीन (राष्ट्रीय जनता दल – RJD)

वर्तमान राजनीतिक समीकरणों और सीट के जातीय इतिहास को देखते हुए, महागठबंधन के उम्मीदवार और निवर्तमान विधायक युसूफ सलाहउद्दीन (RJD) के लिए अपनी सीट बरकरार रखने की संभावना अधिक है, हालांकि यह मुकाबला बेहद कड़ा होगा।


युसूफ सलाहउद्दीन (RJD) की जीत के पक्ष में विस्तृत विश्लेषण और तथ्य:

  1. MY (मुस्लिम-यादव) समीकरण का मज़बूत आधार:
    • सिमरी बख्तियारपुर सीट पर मुस्लिम मतदाता लगभग 20.40% और यादव मतदाता निर्णायक संख्या में हैं। RJD का परंपरागत ‘MY’ समीकरण इस सीट पर सबसे बड़ी ताकत है।
    • वर्तमान विधायक युसूफ सलाहउद्दीन मुस्लिम समुदाय से आते हैं और उनके परिवार का इस क्षेत्र में तीन पीढ़ियों से राजनीतिक दबदबा रहा है (उनके दादा चौधरी मोहम्मद सलाहुद्दीन इस सीट से पांच बार विधायक रहे थे), जो उन्हें मजबूत व्यक्तिगत जनाधार प्रदान करता है।
  2. पिछली जीत और सत्ता विरोधी लहर की कमी:
    • 2020 के चुनाव में, युसूफ सलाहउद्दीन ने NDA (वीआईपी) के मुकेश सहनी को सिर्फ 1,759 वोटों के करीबी अंतर से हराया था। इतनी कड़ी टक्कर के बाद भी, सत्ता विरोधी लहर का सामना मुख्य रूप से NDA गठबंधन (तब JDU) कर रहा था, और RJD ने सीट जीत ली। अब विधायक के तौर पर, उनके प्रदर्शन पर जीत निर्भर करेगी।
  3. महागठबंधन में VIP सुप्रीमो का आना:
    • 2020 में मुकेश सहनी (VIP) NDA का हिस्सा थे। अब मुकेश सहनी (VIP) के महागठबंधन का हिस्सा होने की संभावना है। यदि RJD यह सीट VIP को देती है, तो निषाद समुदाय का एक बड़ा वोट (जो VIP का कोर वोट बैंक है) महागठबंधन को मिलेगा, जिससे RJD/VIP उम्मीदवार की जीत की संभावना बढ़ जाएगी। अगर RJD यह सीट खुद रखती है, तो निषाद वोटों में सेंध लगने के बावजूद MY फैक्टर मज़बूत रहेगा।
  4. ग्रामीण मतदाता की अधिकता:
    • 2011 की जनगणना के अनुसार, सिमरी बख्तियारपुर में कोई शहरी मतदाता नहीं है, यह पूरी तरह से ग्रामीण सीट है। ग्रामीण मतदाताओं में RJD का प्रभाव, खासकर युवाओं के बीच ‘रोजगार’ और ‘जातिगत गोलबंदी’ के कारण अधिक देखा जाता है।

विपक्षी उम्मीदवार (NDA गठबंधन) के हार के प्रतिकूल तथ्य और आंकड़े:

NDA गठबंधन (BJP, JDU, LJP-R) को इस सीट पर जीत के लिए एक मजबूत और त्रुटिहीन रणनीति की जरूरत होगी, खासकर तब जब उन्हें 2020 में (तत्कालीन NDA उम्मीदवार) मुकेश सहनी के रूप में करीबी हार मिली थी।

  1. NDA की आंतरिक सीट-शेयरिंग चुनौती:
    • 2025 में NDA में यह सीट किसे मिलेगी यह बड़ा सवाल है। 2005 से JDU इस सीट पर लड़ती रही है, लेकिन 2020 में यह VIP को दी गई थी। इस बार LJP (रामविलास) ने भी इस सीट पर दावेदारी जताई है (संजय कुमार सिंह)। यदि सीट JDU/BJP के बजाय LJP को मिलती है, तो पारंपरिक JDU वोट पूरी तरह से LJP को स्थानांतरित नहीं हो सकते हैं।
  2. मुकेश सहनी का महागठबंधन में जाना (संभावित):
    • यदि मुकेश सहनी महागठबंधन के साथ रहते हैं, तो 2020 में उन्हें मिले 73,925 वोटों का बड़ा हिस्सा NDA के खिलाफ चला जाएगा। इससे NDA के उम्मीदवार को जीत के लिए JDU, BJP और LJP (R) के वोटों का शत-प्रतिशत संयोजन सुनिश्चित करना होगा, जो कठिन है।
  3. RJD उम्मीदवार की तीन पीढ़ियों का राजनीतिक दबदबा:
    • RJD के वर्तमान विधायक का मजबूत पारिवारिक इतिहास NDA के लिए एक बड़ी चुनौती है। RJD के उम्मीदवार को उनके परिवार के कारण एक निश्चित संख्या में गैर-MY वोट भी मिलते रहे हैं।
  4. 2024 लोकसभा चुनाव में कम मार्जिन:
    • 2024 के लोकसभा चुनाव में, NDA (LJP) ने खगड़िया सीट जीती और सिमरी बख्तियारपुर विधानसभा क्षेत्र में 16,756 वोटों की बढ़त हासिल की थी। यह आंकड़ा NDA के लिए आशाजनक है, लेकिन यह RJD को हराने के लिए पर्याप्त नहीं हो सकता है, क्योंकि विधानसभा चुनाव में स्थानीय उम्मीदवार और जातीय समीकरण अधिक मायने रखते हैं।

निष्कर्ष और पूर्वानुमान:

सिमरी बख्तियारपुर का चुनाव पूरी तरह से RJD के MY फैक्टर और NDA के सभी सहयोगी दलों (JDU, BJP, LJP-R) के वोटों के पूर्ण हस्तांतरण पर निर्भर करेगा।

  • यदि मुकेश सहनी महागठबंधन के साथ नहीं होते हैं और NDA एक एकजुट उम्मीदवार खड़ा करता है जो JDU और BJP के वोटों को एक साथ ला सके, तो NDA जीत दर्ज कर सकती है।
  • लेकिन, युसूफ सलाहउद्दीन का मजबूत MY आधार और उनके परिवार का पुराना राजनीतिक इतिहास उन्हें एक मामूली बढ़त देता है।

पूर्वानुमान: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के युसूफ सलाहउद्दीन को एक बार फिर से इस सीट पर बहुत करीबी जीत मिलने की संभावना है। यह बिहार विधानसभा 2025 के सबसे कांटेदार मुकाबलों में से एक होगा।

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