हाजीपुर विधानसभा सीट (संख्या 123) वैशाली जिले की एक प्रतिष्ठित सीट है, जो पिछले दो दशकों से भारतीय जनता पार्टी (BJP) का गढ़ मानी जाती रही है। केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय इस सीट से लगातार चार बार (2000-2014) विधायक रहे। वर्तमान में, BJP के अवधेश सिंह यहां के विधायक हैं। 2025 का चुनाव भी BJP और RJD के बीच एक कड़ा, कांटे का मुकाबला होने की संभावना है, जैसा कि 2020 में केवल 2,990 वोटों के अंतर से देखा गया था।
यहां 2025 के संभावित विजेता और उसके विश्लेषण को प्रस्तुत किया गया है।
संभावित विजेता: अवधेश सिंह (भारतीय जनता पार्टी – BJP) / राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA)
(यह भविष्यवाणी BJP के मजबूत कोर वोट बैंक, स्थानीय जातीय समीकरणों पर पकड़ और चिराग पासवान के समर्थन के कारण की गई है।)
जीत के मुख्य कारण और विश्लेषण (फेवर में जाने वाले तथ्य)
अन्य उम्मीदवार (देव कुमार चौरसिया/RJD/महागठबंधन) के न जीतने के प्रतिकूल तथ्य
निष्कर्ष:
हाजीपुर विधानसभा सीट एक BJP का सुरक्षित गढ़ बनी हुई है, लेकिन 2020 का चुनाव दिखाता है कि जीत का अंतर बेहद कम रह सकता है।
- BJP के अवधेश सिंह की जीत की संभावना अधिक है, बशर्ते NDA (BJP+JDU+LJP) गठबंधन एकजुट होकर राजपूत, गैर-यादव OBC और पासवान वोटों को अपने पक्ष में बनाए रखे।
- RJD के लिए चुनौती यह है कि वह अपने मजबूत यादव-मुस्लिम आधार को कायम रखते हुए अत्यंत पिछड़े वर्ग (EBC) और दलित (SC) वोटों में सेंध लगाए। यदि चिराग पासवान का वोट NDA से कटता है या स्थानीय एंटी-इनकम्बेंसी मजबूत होती है, तो ही महागठबंधन इस सीट को जीत सकता है।